अभिनवता प्रक्रिया का प्रबंधन - Management of Innovation Process

अभिनवता प्रक्रिया का प्रबंधन - Management of Innovation Process


उत्पाद के विकास की प्रक्रिया खर्चीली जोखिम भरी तथा ज्यादा समय लेने वाली होती है। एक नए उत्पाद के लिए आठ चरणों वाली प्रक्रिया का पालन किया जाता है।


• नए उत्पाद की मोर्चाबंदी


विचारों की उत्पति


• विचार अनुवीक्षण

अवधारणा परीक्षण


व्यापार विश्लेषण


• उत्पाद का विकास


• विपणन परीक्षण


• व्यवसायीकरण तथा नवीनता का प्रसार


(क) नए उत्पाद की मोर्चाबंदी:- उच्च प्रबंधण नए उत्पाद के लिए दृष्टिकोण तथा प्राथमिकता प्रदान करती है। नए उत्पाद तथा बाजार के लिए मार्गदर्शक समय-समय पर दिया जाता है। नए नए विचारों के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाता है। विकास टीम नए-नए विचारों को प्रकट करती है।


(ख) विचारों की उत्पतिः- कर्मचारी नई अवसरों को खोजते है। नए उत्पाद का विचार कम्पनी के आंतरिक स्त्रोतों जैसे- विज्ञानिकों, इंजीनियरों, विपणनकताओं, विक्रय लोगों तथा डिजाईनरों द्वारा भी दिया जा सकता है। सभी लोगों को कई बार प्रकार के प्रोत्साहन दिए जाते है ताकि नए-नए विचारों को लाया जाएं।


नए उत्पाद के विचार की उत्पति के स्त्रोत


उत्पाद विचार के स्त्रोत दो प्रकार के हो सकते है आंतरिक तथा बाहरी जो स्त्रोत कंपनी के


अंदर के लोगों से, सूचनाओं से प्राप्त हो वह आंतरिक होते है अन्य बाहरी ।


नए उत्पाद के विचार के स्त्रोत


आंतरिक स्त्रोत


(1) अनुसंधान तथा तकनीक


• उत्पाद टेस्ट


• उत्पाद बढावा


विचारों की उत्पति


आस्समिक


(2) प्रबंधण


• मोर्चाबंदी नियोजन


• विपणन प्रबंधक


(3) विक्रेता


(4) अभिनवता समूह मीटिंग


(5) कर्मचारियों के सुझाव


बाहरी स्त्रोत


(1) ग्राहक


• शिकायतें


• बाजार सर्वे


• फोकस समूह


(2) वितरण


• वितरणकर्ता


• व्यापार मेला


• फुटकर विक्रेता


(3) प्रतियोगी


(4) सलाहाकार


(ग) विचार अनुवीक्षण:- प्रबंधन का यह कार्य है कि सभी विचारों के एकत्रित करने के बाद उन्हें मूल्यांकित करे। \

जो विचार संगठन के उद्देश्यों के अनुकूल हो तथा संगठन के लिए लाभ उत्पन्न करने वाला हो उस विचार पर कार्य करना शुरू कर देना चाहिए।


(घ) अवधारणा परीक्षण:- विचार नए परिणाम में छांटे के विचारों के उत्पादों को समूह बनाकर कुछ ग्राहकों उनकेब गुण, लाभ व मूल्य बताकर उस पर प्रतिक्रिया देने के लिए बोला जाए।


(ङ) व्यापार विश्लेषण - व्यापार विश्लेषण के अंतर्गत विक्रय लागत तथा लाभों का अनुमान लगाया जाता हैं।

कुछ समय के बाद उत्पाद, उत्पाद की संख्या, विभिन्न मूल्य तथा बिक्री से होने वाली आय की पहचान कर जी जाती है। मूल्य, खर्च, ग्राहक द्वारा अपनाने के आधार पर आय तथा लाभ का अंदाजा लगाया जाता है।


(च) उत्पाद का विकास:- नए उत्पाद को विचार को वास्तविक उत्पाद में बदलना। विचारों के अनुसार उत्पाद की लम्बाई, चौडाई, दृष्टिकोण का निर्माण होना । इसका मुख्य उद्देश्य डिजाइनरों, इंजीनियरों, उत्पादकों, वित तथा विपणन विशेषज्ञों के कार्यों का एकीकरण करना तथा अच्छी गुणवता का उत्पाद तैयार करना है।


(छ) विपणन परीक्षण:- इस चरण के अंतर्गत निर्मित उत्पाद का बाजार में परीक्षण किया जाता है।

सबसे पहले एक छोटे से स्थान से पहल की जाती है तथा उस स्थान के के ग्राहकों की प्रतिक्रिया का पता लगाया जाता है। यदि उत्पाद का परीक्षण एक स्थान पर सफल रहे तभी उसे अन्य स्थानों तक पहुंचाकर प्रतिक्रिया दी जाती है।



(ज) व्यावसायीकरण तथा नवीनता का प्रसारः- उत्पाद परीक्षण के पश्चात्, उत्पाद को विभिन्न स्थानों पर विक्रय के लिए भेज दिया जाता है। विभिन्न ग्राहकों को नए उत्पाद के बारे में सूचना प्रदान की जाती है ग्राहक उस उत्पाद को खरीदने के लिए उतेजित रहते है। जो उत्पाद दूसरों के द्वारा उपभोग किए गए हो तथा उपभोक्ताओं द्वारा पसंद की जा रहे है। उदाहरणर्थ विद्यार्थी उसी पुस्तक को क्रय करना चाहेगें जिसको पढ़कर अन्य विद्यार्थी कक्षा में प्रथम आया हों।