बाजार विभाजन - market segmentation

बाजार विभाजन - market segmentation


एक मार्किट में सभी उपभोक्ताओं की आवश्यकता एक जैसी नहीं हो सकती। उदाहारण के लिए, यदि कुछ ग्राहक एक शैंपू को लम्बे बालों के लिए खरीदते हैं, तो कुछ रूसी के लिए तथा अन्य केवल बाल धोने के लिए। ऐसी स्थिति में शैंपू विक्रेता एक ही उत्पाद से सभी को संतुष्ट नहीं कर पाता है। वह बाजार को इस प्रकार से विभाजित कर सकता है जिससे उसका उत्पाद केवल एक ही शिकायत दूर करने के प्रयोग में आए। सम्पूर्ण बाजार में जरुरत के आधार पर श्रेणियां बनाने की प्रक्रिया को मार्किट विभाजन कहते हैं।

बाजार विभाजन के स्तर कोटलर तथा केलर के मतानुसार सेवाओं व बाजार विभाजन पर आरंभिक विचार-विमर्श करने का पहला चरण मास मार्किटिंग है। 'मास मार्किटिंग का अभिप्राय सभी ग्राहकों के लिए एक उत्पाद एक वितरण तथा एक ही तरह का प्रचार करना होता है।


मास मार्किटिंग वह है जो बड़े सम्भाव्य मार्किट का प्रतिस्थापन करता है व भारी मात्रा में उत्पाद कर न्यूनतम कीमत स्तर पर उत्पादन को वितरित करता है व अधिक लाभांष प्राप्त करता है।