विक्रय विश्लेषण का अर्थ एवं उद्देश्य - Meaning and Objectives of Sales Analysis
विक्रय विश्लेषण का अर्थ एवं उद्देश्य - Meaning and Objectives of Sales Analysis
विपणन प्रबंध में वस्तु के विक्रय के पश्चात भी कुछ क्रियाएँ करना आवश्यक है जिससे विक्रय योजना में आवश्यकतानुसार सुधार किया जा सके तथा अनुमानो के आधार पर विक्रय किया जा सके। इसी उद्देश्य की प्राप्ति के लिये विक्रय विश्लेषण किया जाता है। स्टाण्टन के अनुसार, “एक फर्म के आन्तरिक रिकार्ड का सावधानी पूर्वक अध्ययन विक्रय विश्लेषण कहलाता है।"
जॉनसन के अनुसार - "विक्रय विश्लेषण शब्द का आशय विक्रय लागत और लाभ संबंधी आकड़ों का विश्लेषण करने से है जिनको फर्म के अपने आन्तरिक विक्रय रिकार्ड से प्राप्त किया जाता है।"
इस प्रकार “विक्रय विश्लेषण विक्रय संबंधी आकड़ों का एक सावधानीपूर्वक अध्ययन है।" यह आकड़े स्वयं संस्था द्वारा एकत्रित किये जाते है जो उस संस्था से सम्बन्धित होते है। जैसे संस्था की कुल बिक्री की मात्रा विभिन्न क्षेत्रो में बिक्री, विभिन्न विक्रयकर्ताओं की कुल बिक्री, विभिन्न वस्तुओं की कुल बिक्री, आदि।
उद्देश्य
(i) "विक्रय विश्लेषण का उद्देश्य संस्था की विपणन शक्ति व कमजोरियों का पता लगाना है।” (ii) "विक्रय विश्लेषण का उद्देश्य तथ्यपूर्ण सूचनाओं को एकत्रित करना है जिससे कि उनको विक्रय कार्य के नियोजन निर्देशन एवं नियन्त्रण में आधार मानकर प्रयोग में लाया जा सके।"
विक्रय विश्लेषण का उपयोग विक्रय विश्लेषण का उपयोग विक्रय प्रयत्नो पर नियंत्रण करने के लिए किया जाता है। विक्रय विश्लेषण से इस बात का पता लग जाता है कि विक्रयकर्ता, डीलर, शाखा प्रबन्धक आदि से किस आधार पर बात की जाय, उनको प्रशिक्षण या पुन: प्रशिक्षण किस दृष्टि को ध्यान में रख कर दिया जाय ?
विक्रय विश्लेषण से प्रबन्ध को यह पता लग जाता है कि उसकी वस्तुयें किस स्थान व किस मात्रा में बिक रही हैं, बिक्री किस स्थानों पर कम और किन स्थानों पर अधिक है ? इन सब का पता लगने पर इस सम्बन्ध में उचित कदम उठाये जा सकते हैं, लाभो को बढ़ाया जा सकता है।
विक्रय विश्लेषण मध्यस्थों को भी यह बता देता है कि उनका विक्रय की दृष्टि से कौन-सा स्थान है ?
विक्रय विश्लेषण से विभिन्न वस्तुओं, क्षेत्रों व ग्राहको की लाभप्रदता का पता लगाया जा सकता है और उस ओर आवश्यक कदम उठाकर समुचित प्रयत्न किये जा सकते है। जब संस्था के विक्रयकर्ता को इस बात की जानकारी होती है कि यहाँ पर विक्रय विश्लेषण होता है तो वे अपने कार्य को उचित ढंग से करने का प्रयत्न करते है।
विक्रय रिकार्ड - विक्रय विश्लेषण के लिए विक्रय संबन्धी रिकार्ड की आवश्यकता होती है जिसको संस्था के द्वारा एक व्यवस्थित ढंग से एकत्रित किया जाता है।
कुछ संस्थायें इस कार्य के लिए अपने यहाँ अलग से सांख्यिकी विभाग की स्थापना कर लेती है जबकि कुछ इसका उत्तरदायित्व विक्रय भाग को सौंप देती है। यह दोनों ही विभाग समय-समय पर विक्रय संबन्धी रिपोर्ट अपने प्रबन्ध को देते रहते है जिसमें सम्बन्धित समय की पिछले वर्ष की बिक्री भी दी रहती है जिससे दोनो की तुलना की जा सकती है।
कुछ विक्रय रिकार्ड दैनिक विक्रय रिपोर्ट से भी तैयार किया जाता है। यह दैनिक रिपोर्ट जितनी अधिक विस्तृत होगी उतनी अधिक सूचनायें इसमें होगी।
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