स्मृति संबंधी अनियमितताएं और इसके कारण - Memory disorders and their causes
स्मृति संबंधी अनियमितताएं और इसके कारण - Memory disorders and their causes
हम सभी ने किसी न किसी समय ऐसी स्थिति का सामना किया होगा जब हम अपनी यादाश्त को याद करते हैं। उदाहरण के लिए हम कुछ कहने जा रहे हों और अचानक ही भूल गए कि क्या कहना है या परीक्षा में प्रश्नपत्र के सारे उतर आ रहे हो लेकिन उनको लिखने के लिए शब्द नहीं मिल पा रहें है। यह स्मृति लोप के छोटे-छोटे उदाहरण है। दूसरी ओर आपने देखा होगा कि वृद्धावस्था में कुछ लोगों को भूलने की शिकायत होने लगती है। आइन्सटाइन के बारे में एक कहानी प्रचलित है कि एक बार वे अपने विश्वविद्यालय में टहल रहे थे तभी उनके एक विद्यार्थी ने उन्हें दोपहर के भोजन के लिए पूछा। आइन्सटान ने उससे पूछा कि जब आपने मुझे रोका तब मैं किस दिशा की ओर से आ रहा था?
विद्यार्थी ने उन्हें एक ओर इशारा कर के बताया कि आप उस दिशा की ओर से आ रहे थे। तब आइन्सटीन ने उतर दिया। धन्यवाद। तब तो मैने भोजन कर लिया है। ऐसी बहुत सी कथाएं दार्शनिकों और वैज्ञानिकों के संबंध में कही जाती है। यह छोटे स्तर पर हुए स्मृति लोप का एक उदाहरण है उपरोक्त सभी घटनाओं में हम देखते हैं कि कहीं न कहीं से हमारे मस्तिष्क की सुगम क्रियाशीलता में रूकावट हो रही होती है। थोडी बहुत मात्रा में स्मृति संबंधी दोष तो लगभग सभी में होता है लेकिन इसे रोग का नाम नहीं दिया जा सकता। जब इन लक्षणों के कारण व्यक्ति और उससे जुड़े लोग प्रभावित होने लगे तभी इसे स्मृतिभ्रंश का नाम देते है। इस प्रकार के रोगी केवन आधे घंटे पहले मिले लोगों को याद नहीं रख पाते। उन्हें यह भी याद नहीं रहता कि दस मिनट पहले उन्होंने स्नान किया था ।
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