अभिप्रेरक सिद्धांत - motivational principle
अभिप्रेरक सिद्धांत - motivational principle
अभिप्रेरणा प्रोत्साहन सिद्धांत
कोई इनाम, ठोस या अमूर्त एक क्रिया के बाद इस इरादे से दिया जाता है ताकि वह व्यवहार दुबारा घटित हो व्यवहार में सकारात्मक अर्थजोड़कर ऐसा किया जाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि अगर व्यक्ति को इनाम तुरंत मिलता है तो प्रभाव बहुत अधिक होता है और देरी होते जाने से प्रभाव कम होता जाता है। क्रिया पुरस्कार के संयोजन के दोहराव से वह क्रिया आदत बन सकती है। प्रेरणा दो स्त्रोतों से आती है, अपने अंदर से और अन्य लोगों से इन स्त्रोतों को क्रमश आंतरिक अभिप्रेरणा और बाह्य अभिप्रेरणा कहा जाता है।
अचेतन अभिप्रेरणा
कुछ मनोवैज्ञानिक का मानना हैं कि मानव व्यवहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा अचेतन अभिप्रेरणा से ऊर्जाकृत और निर्देशित होता है। मस्लोव के अनुसार, "मनोविश्लेषण ने अक्सर ही दिखाया है कि एक सचेत इच्छा और परम अचेतन लक्ष्य के बीच रिश्ते का आधार प्रत्यक्ष होने की जरूरत नहीं, दूसरे शब्दों में बतायी गयी अभिप्रेरणा हमेशा कुशल पर्यवेक्षकों द्वारा लगाये गये अनुमान से मेल नहीं खाती, उदाहरण के लिए, यह संभव है कि एक व्यक्ति दुर्घटना प्रवण हो, क्योंकि उसमें खुद को चोट पहुंचाने की अचेतन इच्छा है और इसलिए नहीं कि वह लापरवाह या सुरक्षा नियमों से अनजान है।
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