प्रेरक अनुसंधान - motivational research

प्रेरक अनुसंधान - motivational research


प्रेरक अनुसंधान एक ऐसी विधि को अभिहित करती है जो अंत उपयोगकर्ता के अवचेतन या गुप्त प्रेरण को उजागर करने के लिए विकसित किया जाता है, अतः गुणात्मक विधि का उपयोग करते हुए ही किया जाता है।

प्रेरक अनुसंधान के विकास के उद्देश्य हेतु फ्रायड द्वारा विकसित व्यक्तित्व मनोसिद्धान्त के आधार पर ही प्रदान किया जा सकता है। डॉ. डिचर ने फाण्ड के मनो अनुकूलित मापदंडों के आधार पर उपभोक्ता की क्रय आदतों का अध्ययन किया। डॉ. डिचर से पूर्व विपणन अनुसंधान उन संकेतों पर ही अपना ध्यान केन्द्रित करता था कि उपभोक्ता वास्तविकता में क्या करने की सोचता है और वास्तव में क्या करता है। 1960 के दशक से पूर्व प्रेरणात्मक उद्देश्यों का सही अध्ययन कर उनके परिणामों को ही विचारार्थ रखा जाता था, क्योंकि गुणात्मक अनुसंधान प्राकृतिक रुप में तीव्र होते थे, छोटे खंडों को अध्ययन हेतु प्रयोग में लाया जाता था।

इसलिए परिणामों को सार्वजनिक करने में कठिनाई का सामना करना पड़ता था। इसके अतिरिक्त, विपनणनकर्ताओं को एहसास हुआ कि अनुमानित परीक्षण और अत्यधिक एवं गहराई से किए गए व्यक्तिपरक मूल्यांकन साक्षात्कारिक प्रक्षेपी थे।


तीन अलग-अलग अनुसंधानकर्ताओं को, जिन्हे समान आंकड़े उपलब्ध कराए गए थे, ने अलग-अलग जानकारियां दीं।


अन्य उपभोक्ता सिद्धान्तकारों ने उपभोक्ता व्यवहार के अध्ययन हेतु प्रयोग की गई फायड के सिद्धान्त के विपरीत अपना मत दिया। यहां पर अध्ययन की अनेकों तकनीकें हैं जिनको उपभेक्ता के गुप्त या छिपे हुए उद्देश्यों या प्रेरक कारणों का उचित रूप में अध्ययन किया जा सकता है।


प्रेरक अनुसंधान का मूल्यांकन


इन आलोनाओं पर विचार किए बिना प्रेरणात्मक अध्ययनों को विपणनकर्ताओं के तौर-तरीकों के अनुरूप बहुत कुछ विभिन्नता पायी गयी जो उपभोक्ता के व्यवहार के बारे में ज्यादा ज्ञान प्राप्त करने की इच्छा रखते थे, जो पारंपरिक तरीकों की अपेक्षाकृ त अधिक मान्य थे।


■ प्रेरणात्मक अनुसंधान का वर्तमान स्थितियों में नए योजनाओं, सुझावों व पदोन्नक प्रवृत्तियों को विकसित करने के उद्देश्य से किया जा सकता है

ताकि उपभोक्ता की व्यक्तिगत जागरुकतों को गहराई से जानने में सहायक हों तथा उनकी अभिज्ञय जरुरतों को पहचाना जा सके।

प्रेरणात्मक अध्यन के प्रमुख उपयोग वर्तमान काल में नए व विस्तृत अभियानों द्वारा उपभोक्ताओं की आंतरिक सोच व विचारों को प्राथमिकता के स्तर पर जानने से संबंधित होता है जो संभावित गलतियों के पुर्नस्थान में सहायक हों।


• प्रेरणात्मक अध्ययनो की कमियों को नज़रअंदाज करते हुए फ्रायड की कल्पना की तुलना में मानसिक जीवन का एक बहुत बड़ा भाग को प्रदर्शित किया जा सकता है। अनुसंधान अध्ययनों के परिणाम यह दर्शात हैं कि बेहोश मन भरा संभवतः गैर मौखिक प्रतीकों और उनके स्वतंत्र कार्यों के प्रति सचेतक होते हैं और उनकी भावनात्मक प्रतिक्रियाओं के रूप में मार्गदर्शन कर सकते हैं।