उपभोक्ता अनुसंधान की आवश्यकता एवं उद्देश्य - Need and purpose of consumer research

 उपभोक्ता अनुसंधान की आवश्यकता एवं उद्देश्य - Need and purpose of consumer research


वर्तमान में उपभोक्ता अनुसंधान की आवश्यकता दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है, क्योंकि विकासशील एवं विकसित देशों में पूर्ण रूप से प्रतिस्पर्धा रहती है। ऐसी दशा में वस्तुओं का उत्पादन करना ही एक मात्र उद्देश्य नहीं होता, बल्कि उपभोक्ता की संतुष्टि एवं फिर से वस्तु की मांग उसके दिमाग में रहे. ऐसी स्थिति तक पहुंचाने के लिए उपभोक्ता अनुसंधान की आवश्यकता होती है। स्टिल एवं कंडिफ के अनुसार उपभोक्ता अनुंसधान की आवश्यकता


निम्नलिखित परिस्थितियों में आवश्यता होती है नये उत्पाद के लिए ग्राहकों की रुचि जानना ।


(ii) वर्तमान उत्पाद की बिक्री बढ़ाने एवं बिक्री कम होने के कारण ढूंढना


(iii) जनरुचि एवं आदतों एवं उनके परिवर्तनों का पता लगाना ।


(iv) किसी विशिष्ट क्षेत्र में विक्रय कार्य की मात्रा प्रकृति एवं कारण ढूंढना।


(v) पैकिंग का प्रभाव तथा ग्राहकों की स्थिति मालूम करना ।



जे.सी. डेनियर ने उपभोक्ता अनुसंधान के निम्न उद्देश्य बताए हैं:


(i) नये बाजारों का पता लगाना


(ii) ग्राहकों की स्थिति एवं रुचि ज्ञात करना


(iii) विज्ञापन का माध्यम एवं प्रतिलिपि निर्धारण करना


(iv) विक्रय लक्ष्य तथा क्षेत्र निर्धारित करना


(v) वितरण वाहिकाओं में मितव्ययिता लाना एवं उसकी उचित पद्धति ढूंढना


(vi) विक्रय क्षेत्र स्थापित करना


(vii) प्रतिस्पर्धा की प्रवृत्ति की जानकारी प्राप्त करना


(viii) विक्रय में बाधाओं के वास्तविक कारणों का पता लगाना


(ix) कीमत नीति निर्धारण करना


(x) निर्माता एवं ग्राहक के मध्य खाई को कम करना


(xi) बाजार एवं ग्राहकों के संबंध में सूचनाएं प्राप्त करना ।


इस प्रकार, उपभोक्ता अनुसंधान का उद्देश्य किसी समस्या से संबंधित यथा सम्भव तथ्यों की ऐसी सूचना प्राप्त करना है जिसकी सहायता से उपभोक्ता प्रबंध समस्याओं का हल निकालकर ठोस निर्णय ले सके।


डी.एम. फैल्यम् के अनुसार, "उपभोक्ता अनुसंधान का उद्देश्य कतिपय महत्वपूर्ण व्यापारिक


प्रश्नों के सर्वोत्तम सम्भव उत्तर प्राप्त करना है, यथा क्या उत्पादन किया जाय, या किस वस्तु में व्यापार किया जाये कब एवं कितना उत्पादन किया जाये, वस्तु को बेचने के लिए कब रखा जाए, विक्रय प्रयत्प कब किये जायें एवं क्या मूल्य लिया जाय।"


संक्षेप में, उपभोक्ता अनुसंधान के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित होते हैं:


(i) नवीन उत्पाद स्वीकृति का पता लगाना


(ii) विशिष्ट उत्पदों के लिए संबंधित बाजारों को परिभाषित करना


(iii) सामान्य आर्थिक दशाओं एवं प्रवृत्तियों को ज्ञात करना


 (iv) विद्यमान बाजारों में उपभोग बढ़ाने के तरीके खोजना


(v) नये बाजारों का पता लगाना


(vi) वर्तमान सम्भावित उपभोक्ताओं / ग्राहकों की रुचियों, आदतों, क्रय व्यवहारों आदि को ज्ञात करना


(vii) बाजार के भौगोलिक वितरण का अध्ययन करना 


(viii) कम्पनी के सम्भावित बाजार अंश को ज्ञात करना


(ix) प्रतिस्पर्धायों की शक्ति एवं नीतियों का मूल्यांकन करना


(x) विक्रय में बाधक वास्तविक कारणों का पता लगाना


(xi) वितरण लागत के औचित्य का पता लगाना और उसे न्यूनतम करने का प्रयास करना


(xii) नवीन व्यवसायिक प्रवृत्तियों का पता लगाना


(xiii) कीमत नीति निर्धारित करना


(xiv) सम्पूर्ण उपभोक्ता कार्यक्रम की प्रभावशीलता को ज्ञात करना ।


डावनिंग ने उपभोक्ता अनुसंधान के उद्देश्य के संबंध में लिखा है, "कि उपभोक्ता


अनुसंधान का प्राथमिक उद्देश्य निर्णय लेने वाले प्रबंधकों को बेहतर निर्णय लेने में सहायता


हेतु मूल्यांकित सूचनाएं उपलब्ध करता है।" व्हाइट हैड ने उपभोक्ता अनुसंधान अग्रांकित उद्देश्य बतायें हैं:


किसी एक वस्तु के लिए सम्भावित बाजार को परिभाषित करना एवं सामान्य व्यावसायिक स्थितियों, प्रवृत्तियों तथा क्रय आदतों के संबंध में प्रतिवेदन प्रस्तुत करना।


प्रतिस्पर्धायों की शक्ति एवं नीतियों का निर्धारण तथा


उत्पाद एवं बाजार हेतु सर्वात्तम वितरण वाहिका के संबंध में जानकारी प्रदान करना ।


उपभोक्ता समस्याओं तथा अवसरों के संबंध में बेहतर जानकारी प्रदान करना


संगठन को बाजार वातावरण से जोड़ना


निर्दिष्ट उपभोक्ता स्थितियों में बेहतर निर्णय हेतु सूचना प्रदान करना।