सकारात्मक एवं नकारात्मक अभिप्रेरणा - positive and negative motivation

सकारात्मक एवं नकारात्मक अभिप्रेरणा - positive and negative motivation


अभिप्रेरणा सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों हो सकती हैं। लोग किसी वस्तु को दूर से देखने को प्रबल शक्ति रखते हैं। कुछ मनोवैज्ञानिक आशातित प्रेरणाओं एवं ख्वाहिशों, इच्छणाओं और आवश्यकताओं के बारे में विचार करते हैं। वे नकारात्मक अभिप्रेरणा का नकारात्मक शक्ति मानते है। सकारात्मक एवं नकारात्मक अभिप्रेरक शक्तियां सार्थक रुप में भिन्न होती हैं, विशेषकर शारीरिक गतिविधियों में तथापि वे सामूहिक रुप में समान होती हैं। वे दोनों मानवीय दृष्टिकोणों की शुरुआत और समर्थन करती हैं।


वे जरुरतों, आवश्यकताओं एवं इच्छाओं के बीच विशिष्ट क्षेत्राकरण करते हैं।


लक्ष्य या तो सकारात्मक हो सकते हैं या नकारात्मक। एक सकारात्मक लक्ष्य वह होता है जो किसी के दृष्टिकोण को निर्देशित करती है, इसलिए यह आमतौर पर दृष्टिगत उद्देश्य माना जाता है। इसी प्रकार नकारात्मक लक्ष्य व्यवहार को दूरस्थ किया जाता है जिसको परिणामवश परिहार्यमक उद्देश्य कहा जा सकता है।