विक्रय कोटा निर्धारित करने के कारण - Reasons for setting sales quota
विक्रय कोटा निर्धारित करने के कारण - Reasons for setting sales quota
व्यवसाय में विक्रय कोटा का निर्धारण विभिन्न कारणों से किया जाता है, लेकिन इसका मुख्य कारण निर्धारित विक्रय करने के लिए विक्रयकर्ता, डीलर, वितरक आदि को प्रयत्नशील बनाये रखना है और साथ ही उनकी कार्यक्षमता को भी निर्धारित करते रहना है जिससे की उनकी आवश्यक प्रतिफल या दण्ड दिया जा सके। विक्रय को निर्धारित करने के निम्नलिखित कारण हैं
1. भावी आवश्यकताओं का अनुमान लगाने के लिए - बिक्री का भावी अनुमान कोटा के आधार पर ही लगाया जाता है। जब बिक्री का अनुमान लग जाता है तो विज्ञापन, विक्रय संवर्द्धन, कर्मचारी साज सज्जा,
व्यय, स्टाक, पूँजी आदि की आवश्यकताओं का अनुमान लगाया जा सकता है।
2. क्षेत्रीय उद्देश्य की स्थापना के लिए कोटा निर्धारित करने से प्रत्येक क्षेत्र की क्षमता का पता लग जाता है। जिन क्षेत्रों में बिक्री निर्धारित कोटा से कम होती है वे कमजोर क्षेत्र कहलाते है। ऐसे क्षेत्र का पता लगाकर उस सम्बन्ध में उचित प्रयत्न किये जा सकते है।
3. विक्रयकर्ताओं के लक्ष्य को बताने के लिए विक्रय कोटा निर्धारित करने का एक कारण - विक्रयकर्ताओं के लक्ष्यों को रुपयो, ईकाइयों या बिन्दुओं में निर्धारित कर उनको कार्य करते रहने के लिए प्रेरित करते रहना है जिससे वे अच्छे से अच्छा कार्य कर सके। ऐसा करने से उनपर उचित नियन्त्रण भी किया जा सकता है।
4. विक्रयकर्ता के कार्य का मूल्यांकन करने के लिए विक्रय कोटा निर्धारित करने से विक्रयकर्ता के
कार्यों का मूल्यांकन किया जा सकता है। इसके लिए उसके कार्य की तुलना पूर्व निर्धारित कोटे से की
जा सकती है। ऐसा करने से उसके वेतन, कमीशन, भत्ते आदि में उचित समायोजन किया जा सकता
है। उसको पदोन्नति दी जा सकती है या उसकी अवनति की जा सकती है। विक्रयकर्ताओं की कमियों का पता लगाकर उसके सम्बन्ध में उचित कदम उठाये जा सकते है। 5. बाजार का ज्ञान करने के लिए विक्रय कोटा निर्धारित करने का एक कारण प्रबन्धको को बाजार का सम्पूर्ण ज्ञान कराना है। यदि कोटे निर्धारित किये जायें तो प्रबन्धको को बाजार का पूरा ज्ञान ही नही हो सकता है।
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