सामान्य प्रबंधन एवं उपभोक्ता अनुसंधान में सामंजस्य - Reconciliation of general management and consumer research
सामान्य प्रबंधन एवं उपभोक्ता अनुसंधान में सामंजस्य - Reconciliation of general management and consumer research
वास्तव में, संगठनात्मक स्वास्थ्य तथा बेहतर प्रबंधकीय निर्णयन के लिए सामान्य प्रबंध तथा उपभोक्ता अनुसंधान में सामंजस्य नितान्त आवश्यक है। इनके बीच मतभेद दूर करने में निम्नलिखित सुझाव सहायक हो सकते हैं -
(i) 'प्रबंध एवं उपभोक्ता अनुसंधान के कार्यों, भूमिकाओं, अधिकारों एवं कार्यक्षेत्रों की स्पष्ट व्याख्या की जाना चाहिए। 'भूमिका संघर्ष की स्थिति को दूर किया जाना चाहिए।
(ii) उपभोक्ता अनुसंधान के प्रबंध द्वारा किये गये निवेदन पर ही परामर्श प्रदान करना चाहिए। किन्तु अतिआवश्यक होने पर निवेदन की प्रतिक्षा नहीं करनी चाहिए।
(iii) प्रबंध द्वारा परामर्श को अस्वीकार कर दिये जाने पर उपभोक्ता अनुसंधानकर्ता को इसे अपनी व्यक्तिगत मानहानि नहीं समझनी चाहिए। परामर्श के लिए निवेदन करने तथा उसे स्वीकार करने या न करने का अधिकार सामान्य प्रबंध का होता है।
(iv) सामान्य प्रबंध को उपभोक्ता अनुसंधान का अधिकतम प्रभावी उपयोग करना चाहिए । आपत्ति होने पर प्रबंध को अनुसंधानकर्ताओं से विचार-विमर्श कर अपनी भ्रांति दूर कर लेनी चाहिए।
(v) सामान्य प्रबंध को चाहिए कि परामर्श सम्पूर्ण संगठन के हित में होने पर उसे अस्वीकार न करे तथा उस पर गम्भीरतापूर्वक विचार करे।
(vi) प्रबंध तथा उपभोक्ता अनुसंधान दोनों को परामर्श देने के विषय में मतभेद होने की
स्थिति में उच्च प्रबंध से अपील करने का अधिकार प्राप्त होना चाहिए।
(vii) सामान्य प्रबंध को चाहिए कि वे अपने कार्यक्षेत्र संबंधी सभी सूचनाओं की जानकारी समय-समय पर उपभोक्ता अनुसंधान को देते रहें। इससे उपयुक्त परामर्श देने में सहायता मिलती है।
(viii) उपभोक्ता अनुसंधान को किसी भी सफलता के लिए केवल स्वयं को ही उत्तरदायी नहीं मानना चाहिए। अनुसंधानकर्ता को अपने व्यक्तित्व का संगठन में पूर्णतः निमज्जन करने तथा यश प्राप्ति की कामना रखने की प्रवृत्ति का त्याग कर देना चाहिए।
(ix) यदि आवश्यक हो तो उपभोक्ता अनुसंधानकर्ताओं को केवल अनुभव के माध्यम से ही अपनी बात सामान्य प्रबंध से मनवानी चाहिए कि वे उपभोक्ता अनुसंधानकर्ताओं की सेवाओं को संगठनात्मक जीवन की एक पद्धति के रूप में सहज रूप से स्वीकार करें।
उपभोक्ता अनुसंधान को रचनात्मक प्रवृत्तियां तथा मानव व्यवहार कौशल प्रदर्शित करना चाहिए। दोनों को एक दूसरे की अन्तर्निर्भरता को स्वीकार करना चाहिए।
विलियम व्हाइट रेखा ( सामान्य प्रबंध) तथा उपभोक्ता अनुसंधान में संबंध सुधारने के लिए निम्न सुझाव दिये हैं
(1) सामान्य प्रबंध के साथ उपभोक्ता अनुसंधानकर्ताओं के अन्तर्व्यवहारों तथा सम्पर्कों की संख्या में वृद्धि की जानी चाहिए।
(ii) परामर्श देने के पूर्व उपभोक्ता अनुसंधान को सामान्य प्रबंध की विशेष परिस्थितियों का अध्ययन कर लेना चाहिए।
(iii) उपभोक्ता अनुसंधान सामान्य प्रबंध के साथ एक विनिमय संबंध बनाता है।
(iv) उपभोक्ता अनुसंधान यह ध्यान रखता है कि सामान्य प्रबंध को भी बराबर का श्रेय प्राप्त हो रहा है। उपर्युक्त नियमों का पालन करते हुए सामान्य प्रबंध तथा उपभोक्ता अनुसंधान में सहयोग एवं रचनात्मक माहल बनाया जा सकता है।
वार्तालाप में शामिल हों