बिक्री विभाग में संबंध - relationship in sales department

बिक्री विभाग में संबंध - relationship in sales department


एक व्यावसायिक संगठन में बहुत से विभाग होते है। उन सभी विभागों में एक-दूसरे के साथ सहयोग एवं सामंजस्य होना अनिवार्य है। विक्रय विभाग का अन्य विभागों के साथ निम्न संबंध है


1. उत्पादन विभाग के साथ सम्बन्ध एक विक्रय प्रबंधक का उत्पादन विभाग से संबंध इसलिये जरूरी होता है क्योंकि उत्पादन को मांग के अनुसार समायोजित किया जा सके। इतना ही नही कभी -कभी उपभोक्ताओं के आधार पर वस्तु में आवश्यक फेर-बदल करना पड़ता है। यदि उत्पादन विभाग उन परिवर्तनों को आवश्यकता के समय लागू नहीं करता है तो विक्रय विभाग बाजार का लाभ नहीं उठा सकता है। इसी तरह किसी वस्तु का निर्माण लागत उसकी विक्रय क्षमता को प्रभावित करती है। यदि लागत कम हो तो विक्रय प्रबंधक को माल सफलतापूर्वक बेचने का अवसर मिल जाता है। इसीलिये विक्रय विभाग तथा उत्पादन विभाग में पूर्ण सहयोग जरूरी है।


2. क्रय विभाग के साथ संबंध क्रय विभाग कच्चे माल का क्रय उत्पादन विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्यों के आधार पर करता है तथा उत्पादन विभाग द्वारा लक्ष्य निर्धारण विक्रय विभाग की अनुमानित बिक्री के आधार पर किया जाता है। यदि इन तीनों विभागों में परस्पर सामंजस्य, सहयोग एवं सम्बन्ध न हो तो विक्रय विभाग को आवश्यकतानुसार उत्पादन नही मिल सकता है।


3. वित्त विभाग के साथ संबंध - वित्त विभाग द्वारा व्यवसाय से संबंधित खर्ची का लेखा-जोखा रखा जाता है। संस्थाएँ इन लेखों से लागत लेखे तैयार करती है। जिससे कि प्रति इकाई लागत की जानकारी हो सकें। वित्त विभाग के सहयोग के द्वारा स्थायी लागत और चल लागत निकालकर सम-विच्छेद बिन्दु ज्ञात किया जा सकता है

तथा वस्तु की मांग को ध्यान में रखकर अधिकतम लाभ के लिये उत्पादन लक्ष्य निर्धारित किया जा सकता है। इसीलिये विक्रय विभाग का वित्त विभाग के साथ सहयोग आवश्यक है।


4. संवर्द्धन एवं विपणन अनुसंधान विभागों के साथ संबंध विक्रय विभाग को संवर्द्धन एवं विपणन अनुसंधान विभागों का भी सहयोग आवश्यक है। संवर्द्धन विभाग के सहयोग से ही कुल विक्रय में वृद्धि होती है। वही विपणन अनुसंधान विभाग ग्राहक की वस्तु के प्रति क्या राय है तथा वह क्या चाहता है इसका पता लगाकर विक्रय विभाग को सूचित करता है जिससे विज्ञापन एवं विक्रय संवर्द्धन में आवश्यक बदलाव करके मांग को प्रभावी बनाया जा सकें।


5. कर्मचारी विभाग के साथ संबंध कर्मचारी विभाग एवं विक्रय विभाग में भी सामंजस्य आवश्यक होता है। जिस प्रकार के कर्मचारी एवं विक्रयकर्ता की आवश्यकता विक्रय विभाग को होती है उसी प्रकार के कर्मचारी एवं विक्रयकर्ता की पूर्ति कर्मचारी विभाग द्वारा उचित समय पर किया जाता है। कर्मचारी विभाग द्वारा नये कर्मचारियों के प्रशिक्षण का भी कार्य करता है।