वाणिज्यिक बैंकों को रिजर्व बैंक की स्थायी सुविधा (पुनर्वित्तीयन) - Reserve Bank's Standing Facility (Refinancing) to Commercial Banks

वाणिज्यिक बैंकों को रिजर्व बैंक की स्थायी सुविधा (पुनर्वित्तीयन) - Reserve Bank's Standing Facility (Refinancing) to Commercial Banks


एक अन्तिम ऋणदाता के रूप में केन्द्रीय बैंक, तरलता (नकदी) की कमी के दौरान वाणिज्यिक बैंकों को तरलता (नकदी ) मुहैया कराता है। केन्द्रीय बैंक द्वारा यह सुविध अपनी कटौती (बट्टा) खिड़की के माध्यम से मुहैया करायी जाती है। वाणिज्यिक बैंक वाणिज्यिक बिलों, सरकारी प्रतिभूतियों, कोषागार बिलों एवं अन्य अर्ह प्रपत्रों जैसी सपार्श्विक प्रतिभूतियों के प्रति केन्द्रीय बैंक की बट्टा खिड़की से उधार ले सकते हैं। कुछ केन्द्रीय बैंक बिना किसी संपार्श्वि प्रतिभूतियों के भी वाणिज्यिक बैंकों द्वारा कतिपय क्षेत्रकों (निर्यात ऋणों कृषि ऋणों) को दिए गए ऋणों के पुनर्वित्तीयन के रूप में उपलब्ध थी। इस सुविधाके अन्तर्गत वाणिज्यिक बैंक स्वयं के द्वारा कतिपय विशिष्ट क्षेत्रकों को वितरित ऋणों की राशि के एक निश्चित (जिसे रिजर्व बैंक समय-समय पर निश्चित करता है) के बराबर धनराशि भारतीय रिजर्व बैंक से उधार ले लेता।

भारतीय रिजर्व बैंक क्षेत्रक विशिष्ट पुनर्वित्तीय सुविधाओं को क्षेत्रक विशेष की उधार देने को प्रोत्साहन देने या न देने के रूप में साख नीति के एक उपकरण के रूप में प्रयुक्त करता था। इसके लिए पुनर्वित्तीयन की शर्तें एवं दशाएं रिजर्व बैंक द्वारा ही तय की जाती थी। तथापि वित्तीय क्षेत्रक सुधारोंके अनुरूप, भारतीय रिजर्व बैंक ने साख के प्रत्यक्ष एवं सूक्ष्म प्रबन्धनसे स्वयं को अलग कर लिया है। तदनुसार, अप्रैल 1999 से अन्तरिमतरलता समायोजन सुविधा के तहत क्षेत्रक विशिष्ट पुनर्वित्तीय योजनाओं (निर्यात साख पुनर्वित्तीयन योजना को छोड़कर) को संपार्श्विक उधार लेने की सुविधा द्वारा प्रतिस्थापित कर दिया गया है जिसके तहत वाणिज्यिक बैंक कतिपय सीमा तक बैंक दर या इससे अधिक ब्याज दर पर भारतीय रिजर्व बैंक से उधारले सकते हैं। जून 2000 से संपार्श्विक उधार लेने की सुविधा भी बन्द कर दी गयी। वर्तमान में बैंकों को वित्तीय संसाधन मुहैया कराता है। अतिरिक्त रूप से सरकारी प्रतिभूतियों एवं कोषागार बिलों की संपार्श्विक जमानत पर प्राथमिक डीलरों को भी उधार लेने की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है। रूपया निर्यात साख की पुनर्वित्तीयन सुविधा अभी भी जारी है।