बिक्री संगठन - sales organization

बिक्री संगठन - sales organization


विक्रय संगठन के प्रमुख प्रकार निम्नलिखित हैं


1. रेखा या लम्बवत विक्रय संगठन रेखा विक्रय संगठन में विक्रय सम्बन्धी कार्यों के सभी अधिकार एवं दायित्व सर्वोच्च अधिकारी में केन्द्रित होते है तथा अधिकार अधीनस्थों को क्रमशः सौपे जाते है। सर्वोच्च अधिकारी को उद्योगो में कई नामों से बुलाया जाता है जैसे विक्रय संचालक, विक्रय महाप्रबन्धक, विक्रय प्रबन्धक, विक्रयाध्यक्ष, विक्रय अधिकारी आदि। विक्रय संगठन में अधिकार सत्ता सर्वोच्च अधिकारी से निम्नस्थ कर्मचारियों तक सीधी रेखा में नीचे की ओर प्रवाहित होती है। इस संगठन में निर्देश तथा आदेश ऊपर से नीचे को ओर तथा सूचनायें, शिकायते, निवेदन, सुझाव आदि नीचे से ऊपर की ओर चलते है। इसमें प्रत्येक कर्मचारी तथा अधिकारी अपने निकटतम अधिकारी से आदेश निर्देश प्राप्त करता है और अपने कार्यों की रिपोर्ट उसी को देता है। इस प्रकार प्रत्येक कर्मचारी अपने से ऊपर वाले के प्रति उत्तरदायी होता है।


विशेषताएँ


रेखा संगठन की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित है


1. यह संगठन का प्राचीनतम प्रारूप है।


2. इसमें अधिकारियों और अधीनस्थों के बीच लम्बवत संबन्ध होते है।


3. इसमें आदेश और अधिकार रेखाबद्ध रूप से ऊपर या नीचे की ओर क्रमश: प्रवाहित होते है।


4. अन्तिम दायित्व एवं अधिकार सर्वोच्च विक्रय अधिकारी के पास केंद्रित होते है।


5. आदेश- निर्देश एक ही अधिकारी से प्राप्त होते हैं।


6. प्रत्येक अधिकारी निकटतम अधिकारी से आदेश प्राप्त करता है।



II. रेखा एवं कर्मचारी विक्रय संगठन विपणन एवं विक्रय क्रियाओं में वृद्धि हो जाने पर संस्था का आकार वृहद होने लगता है तथा अनेक विक्रय संबंधी समस्याओं के जटिल हो जाने पर रेखा विक्रय संगठन अनुपयुक्त सिद्ध होने लगता है। उच्च विक्रय अधिकारी नियोजन स्तर पर कुछ विशेषज्ञों की सहायता अनुभव करने लगता है जो कि विपणन के विभिन्न क्षेत्र में विशिष्ट ज्ञान रखते हो। रेखा व कर्मचारी विक्रय संगठन वह संगठन संरचना है जिसमें सर्वोच्च विक्रय अधिकारी स्वयं के पास अधिकार सत्ता एवं दायित्व को केंद्रित रखते हुए विभिन्न विक्रय कार्यों में आवश्यक परामर्श, सुझाव, चिंतन अनुसंधान योजना निर्माण आदि के रूप में सहयोग देने के लिए विशेषज्ञों की नियुक्ति करता है।


विशेषताएँ – रेखा एवं कर्मचारी विक्रय संगठन की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं


1. इसमें अधिकार सत्ता का प्रवाह सर्वोच्च विक्रय अधिकारी से अधीनस्थों की निम्नतम कड़ी क्रमश: रेखाबद्ध रूप में होता है।


2. विक्रय निर्णयों एवं योजनाओं के निर्माण, क्रियान्वयन एवं समन्वय के लिए सर्वोच्च अधिकारी ही उत्तरदायी होता है।


3. इस संगठन में विशेषज्ञों की नियुक्ति सलाहकारों के रूप में होती है जो विभिन्न विक्रय रेखा अधिकारी एवं सर्वोच्च विक्रय अधिकारी को आवश्यक परामर्श देते हैं।


4. विक्रय कार्यों में विशेषज्ञों की भूमिका परामर्शकारी होती है, वे क्रियान्वयन एवं निष्पादन के लिए उत्तरदायी नही होते।


5. विक्रय रेखा प्रबन्धक विशेषज्ञों के परामर्श को मानने के लिए बाध्य नहीं होते है। आवश्यक समझने पर सलाह को स्वीकार कर लेते है।


III. क्रियात्मक विक्रय संगठन विक्रय संगठन के इस प्रारूप में क्रियात्मक विशेषज्ञ रेखा अधिकारी की स्थिति में कार्य करते है तथा उन्हें अपने विभाग में सम्बन्धित कार्यों के लिए विक्रयकर्ताओं को आदेश देने का अधिकार होता है। इस प्रारूप में विक्रय कार्य को छोटे-छोटे उप-कार्यों में बांट कर उसका निष्पादन करवाने के लिए एक विशेषज्ञ प्रबन्धक नियुक्त किया जाता है। इस विशेषज्ञ को अपने कार्यक्षेत्र के संबंध में सभी अधिकार होते है तथा वह सम्बन्धित कार्यों के लिए आदेश निर्देश दे सकता है। अपने आदेश निर्देशों के परिणामों के लिए ये विशेषज्ञ प्रबन्धक अपने उच्चाधिकारियों के प्रति उत्तरदायी होते है।


विशेषताएँ


क्रियात्मक विक्रय संगठन की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं


1. सम्पूर्ण विक्रय कार्य को छोटे-छोटे उपभागों में बांटकर उनके निष्पादन का दायित्व विशेषज्ञ प्रबन्धकों को सौप दिया जाता है।


2. क्रियात्मक विशेषज्ञों को अपने विभाग से संबंधित कार्यों के लिए प्रत्यक्ष रूप से आदेश निर्देश देने


का अधिकार होता है।


3. प्रत्येक विशेषज्ञ का कार्यक्षेत्र निश्चित होता है तथा वह अपने कार्य क्षेत्र के संबंध में आदेश निर्देश दे सकता है।



4. प्रत्येक विक्रयकर्ता अपने कार्य की रिपोर्ट सम्बन्धित विशेषज्ञ को ही देता है।



IV. समिति विक्रय संगठन समिति विक्रय संगठन की स्थापना प्रायः नीति निर्धारण अथवा योजना निर्माण के लिए नही किया जाता है वरन् इसे विभिन्न विक्रय समस्याओं पर सिफारिशे प्रस्तुत करने, योजना पर पुर्नविचार करने, परामर्श देने, क्रियात्मक निर्णय लेने, नीतियों की समीक्षा करने, बजट बनाने व अन्य विक्रय मामलों पर विचार करने आदि के लिए बनाई जाती है। विक्रय विभाग में अनेक समितियाँ गठित की जाती है, जैसे क्षेत्रीय विक्रय समिति, मर्केंडाइजिंग समिति, विज्ञापन एवं विक्रय प्रसार समिति, ग्राहक परिवेदना समिति, विक्रय प्रशिक्षण समिति, विक्रय बजट समिति आदि। विशेषताएँ- समिति विक्रय संगठन की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं


1. समिति विक्रय संगठन किसी कार्य अथवा योजना के सामूहिक निर्धारण का ढंग है जो सामूहिक दायित्वों को जन्म देता है।


2. यह मूलभूत संगठनात्मक प्रारूप नही है, वरन् एक पूरक व्यवस्था है।


3. विभिन्न विक्रय कार्यों के नियोजन एवं निर्णय के लिए अलग-अलग समितियाँ गठित की जा सकती है।


4. समितियों के सुझाव का क्रियान्वयन रेखा अधिकारियों के माध्यम से किया जाता है। 5. समितियों के दूसरे विभागो अथवा बाह्य विशेषज्ञों को भी सम्मिलित किया जाता है।


6. समिति संगठन में निर्णय बहुमत से लिए जाते हैं।