क्षमता एवं मांग के प्रबंधन के लिए रणनीतियाँ - Strategies for managing capacity and demand

क्षमता एवं मांग के प्रबंधन के लिए रणनीतियाँ - Strategies for managing capacity and demand


सेवा उद्यम में क्षमता एवं मांग की रणनीति एक संगठन को उसकी क्षमता की कमी का स्पष्ट समझ और मांग पैटर्न की समझ पर निर्भर होती है, यह आपूर्ति और मांग को पूरा करने के लिए रणनीतियों को विकसित करने की धारण है। जिसमे निम्मलिखित रणनीतियाँ होती है।


अ) क्षमता एवं मांग उतार चढ़ाव को सुचारु रूप देना :


इस रणनीति में उद्यम अपनी क्षमता एवं बाजार मांग की उतारचढ़ाव को सुचारू रूप दे कर अलग अलग कदम उठाता है जो उद्यम में प्रबंधन नीतियों पर टिकी होती है। सामान्य तौर पे कदम उपभोक्ता को ध्यान में लेकर लिए जाते है। जैसे की


१) मांग और क्षमता का स्थानांतरण।


२) सेवा की पेशकश अलग बताना


३) ग्राहकों के साथ संचार करना।


४) समय और सेवा वितरण की स्थिति को संशोधित करना।


आदि।


आ) उतार चढ़ाव की क्षमता को समायोजित करना है।


ईस रणनीति में उद्यम अपनी क्षमता एवं बाजार मांग को समायोजित करता है। समायोजित करने में निम्मलिखित कदम आते है। जैसे की


१) मौजूदा क्षमता का विस्तार करना ।


२) मांग में उतार-चढ़ाव के साथ क्षमता संरेखित करना।


३) किराया या साझा सुविधाएं या उपकरण इश्तेमाल।


४) कम मांग की अवधि के दौरान डाउनटाइम करना ।