विक्रेताओं की भर्ती की आवश्यकता - Vendor Recruitment Required

 विक्रेताओं की भर्ती की आवश्यकता - Vendor Recruitment Required


किसी भी संस्था में विक्रेताओं की भर्ती के अनेक कारण हो सकते है जिसमें प्रमुख निम्नलिखित है


1. नये संस्था की स्थापना - प्रत्येक नई संस्था को अपने विक्रय विभाग के संचालन के लिये कुछ नये विक्रेताओ की भर्ती करनी होती है।


2. संस्था का विकास प्रत्येक संस्था नये बाजारों, नये उत्पादों तथा नई विक्रय योजनाओं के द्वारा विकास के मार्ग पर अग्रसर रहती है। विकास के कारण बढ़ती हुई बिक्री तथा विक्रय क्षेत्रों के लिये अधिक विक्रयकर्ताओं की आवश्यकता पड़ती है। ऐसी स्थिति में विक्रेताओं के भर्ती के कार्यक्रम बनाने होते है।


3. स्थानान्तरण जब विक्रेताओं को विक्रय विभाग से अन्य विभाग में स्थानान्तरित कर दिया जाता है तो ऐसी दशा में भी विक्रय विभाग को नये विक्रेताओं के भर्ती की आवश्यकता पड़ती है। 4. पदोन्नति – जब विक्रयकर्ता की पदोन्नति हो जाती है तो उस रिक्त स्थान को भरने के लिये नये


विक्रयकर्ता की भर्ती करनी पड़ती है।


5. तकनीकी परिवर्तन-तकनीकी परिवर्तनों के कारण उत्पादों के स्वरुप, किस्म, आकार-प्रकार तथा उपयोग विधि में परिवर्तन होते रहते है जिसके फलस्वरुप इन नये उत्पादो की बिक्री के लिये नये विक्रयकर्ताओं की भर्ती की आवश्यकता पड़ती है।


6. विक्रयकर्ताओं का आवर्तन सेवानिवृत्ति, स्थानांतरण, सेवा समाप्ति, त्यागपत्र, बीमारी आदि के कारण संस्था में विक्रयकर्ताओं की रिक्तता रहती है जिसके लिये विक्रयकर्ताओं की भर्ती करनी पड़ती है।