ब्राण्ड इक्विटी मॉडल - Brand Equity Model

ब्राण्ड इक्विटी मॉडल - Brand Equity Model


 ब्राण्ड इक्विटी के प्रमुख मॉडल निम्नलिखित हैं


I. ब्राण्ड पूँजी मूल्यांकन (Brand Asset Valuation)- इस मॉडल को एक विज्ञापन एजेन्सी यंग एवं रूबिकैम (Young & Rubicam) ने विकसित किया। इनके अनुसार ब्राण्ड इक्विटी के चार प्रमुख तत्व हैं


1. भिन्नता (Differentiation) ब्राण्ड उस स्तर का मापन करता है जिस स्तर पर एक उत्पाद को दूसरे उत्पादों से भिन्न देखा जाता है।


2. औचित्य (Relevance ) यह किसी उत्पाद की लोकप्रियता के स्तर का मापन है।


 3. स्वाभिमान (Esteem) यह इस बात का मापन करता है कि ब्राण्ड कितना उच्चस्तरीय एवं सम्मानजनक है।


4. ज्ञान (Knowledge) यह उपभोक्ताओं की उत्पाद के प्रति जागरूकता उपयोग एवं सन्निकटता का मापन करता है।


II. आँकर मॉडल (Aaker Model) - इस मॉडल को डेविड आँकर ने विकसित किया। उनके अनुसार ब्राण्ड के साथ निम्नलिखित पाँच प्रकार के पूँजी एवं दायित्व (Assets & Liabilities) जुड़े हुए हैं जो ग्राहक को प्रदान किए जाने वाले मूल्य में वृद्धि या कमी करते हैं


1. ब्राण्ड निष्ठा (Brand Loyalty)


2. ब्राण्ड जागरुकता (Brand Awareness)


3. अनुभवजनित गुणवत्ता (Perceived Quality)


 4. ब्राण्ड सम्बन्ध (Brand Association)


5. अन्य सम्पत्तियाँ (Other Assets eg. Patent, Trade Mark, Channel Relationship etc.) डेविड आँकर के अनुसार ब्राण्ड की पहचान के बारह स्वरूप होते हैं जिन्हें चार संदर्भों में देखा जा सकता है।


ब्राण्डज मॉडल (Brandz Model) यह मॉडल विपणन अनुसंधान सलाहकार मिलवर्ड ब्राऊन ने विकसित किया।

उनके अनुसार ब्राण्ड निर्माण कई चरणों का एक क्रम है, जिसमें प्रत्येक चरण की सफलता पिछले चरण की सफलता पर निर्भर करती है। चरणों का क्रम निम्न हैं


1. बाजार में उपलब्धणता (Presence)


2. औचित्य (Relevance)


3. कार्य निष्पादन (Performance)


4. लाभ (Advantage)


5. लगाव (Bonding )



शोध से यह निष्कर्ष निकलता है कि जो ब्राण्ड ग्राहकों को पाँचवें चरण तक पहुँचाने में सफल हो जाते हैं, वह ब्राण्ड सर्वोत्तम है। पाँचवे चरण पर पहुँचकर ग्राहक ब्राण्ड से गहन लगाव का अनुभव करते हैं तथा उस ब्राण्ड को अधिक से अधिक क्रय करते हैं।