ब्राण्ड की छवि - Brand Image
ब्राण्ड की छवि - Brand Image
विज्ञापन जगत में वर्तमान दौर बड़े ब्राण्डों का है। आज बिना लोकप्रियता प्राप्त किए कोई वस्तु बिक नहीं सकती। किसी उत्पाद के प्रति उपभोक्ता का व्यवहार ब्राण्ड की छवि निर्धारित करती है। प्रत्येक उत्पाद की बनावट के साथ कुछ मनोवैज्ञानिक विशेषताएँ भी जुड़ी रहती है, जो उपभोक्ताओं के दिमाग में उस वस्तु के प्रति एक स्पष्ट स्तर भावनाएँ रखती है जो उस वस्तु की गुणवत्ता से जुड़ी होती है व उपभोक्ता जो उस वस्तु का उपयोग करते है तथा वो उपभोक्ता जो उस वस्तुर का उपयोग करने का विचार करेगे, तो यह मनोस्थिति उपभोक्तास के मन-मस्तिष्क में वस्तुक के प्रति एक भावना का उभरना है या मनोवैज्ञानिक रूप से उस वस्तु की खोज की प्रेरणा विकसित करना ब्राण्ड छवि कहलाती है।
ब्राण्ड जागरुकता (Brand Awareness) जिस ब्राण्ड के बारे में उपभोक्ता हमेशा जागरूक रहता है कि उस ब्राण्ड के कौन-कौन से उत्पाद बाजार में उपलब्ध है, उनमें क्याड बदलाव हुए है तथा कौन से नये उत्पाद बाजार में आ रहे है, ब्राण्ड जागरुकता कहलाती है। जब उपभोक्ता किसी विशेष ब्राण्ड की वस्तु की मांग करता है तथा उसके प्रतिस्पद्धी ब्राण्ड के वस्तुज को खरीदने से मना करता है, तो यह उसकी ब्राण्ड के प्रति निष्ठा होती है, जो उपभोक्ता को निर्माता के प्रति विश्वास दिलाती है। वस्तु की गुणवत्ता और निरंतर ब्रिक्री बनाए रखना ब्राण्ड छवि के लिए आवश्यक होता है। किसी भी उत्पाद के ब्राण्ड छवि के निर्माण में कई तथ्यों का योगदान रहता है। ब्राण्ड छवि बनाने में उसका पैकेज, विपणन प्रक्रिया, सृजनात्मकता तथा वस्तु की गुणवत्ता का प्रभाव पड़ता है किसी भी उत्पाद की ब्राण्ड छवि उसके रंग, आकार, स्वाद, खूशबू, तथा गुणवत्ता के आधार पर धी- धीरे बनती है तथा प्रभावित होती रहती है, जिसके लिए विज्ञापन आवश्यक होता है।
अतः इसके लिए एक अच्छे विज्ञापन योजना की आवश्यकता होती है, जो उस उत्पाद को प्रभावी ढंग से बाजार में प्रस्तुत कर सके तथा उसकी ब्राण्ड छवि को बनाए रखे।
यदि निर्माता अपनी वस्तुप की ब्राण्ड छवि को बदलना चाहता है, तो उसे विज्ञापन पर बहुत खर्च करना पड़ता है। जो अंतत: वस्तुत के मूल्य में जुड़ जाता है, जिससे वस्तु का मूल्य बढ़ जाता है, जिसका विपरीत प्रभाव उस वस्तु की बिक्री पर पड़ता है। जिस वस्तु की छवि एक बार बन जाती है, तो वह छवि उस वस्तु के साथ पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती चलीं जाती है तथा वह जीवन की आवश्यकता बन जाती है। जैसे डालडा, सर्फ, कोलगेट आदि ऐसे उत्पाद हैं,
जिनकी छवि ने उत्पादनों का नामकरण कर दिया है- डालडा वनस्पति घी पर्यायवाची बन गया है। इस तरह सर्फ कपड़े धोने के पाउडर का पर्यायवाची बन गया है।
खेल, सिनेमा व अन्य क्षेत्र की जानी मानी हस्तियाँ ब्राण्ड की छवि बनाने के लिए विज्ञापन में उत्पाद का प्रयोग करते दिखायी देते हैं, जो बिक्री बढ़ाने और ब्राण्ड की छवि बनाने में बहुत सहायक होते हैं, क्योंकि उपभोक्ता यह सोचता है कि अमुक व्यक्ति इस उत्पाद का उपयोग करता है, तो यह उत्पाद अच्छा ही होगा। ब्राण्ड की छवि उपभोक्ता के मन में स्थान बना लेती है। जब तक ब्राण्ड छवि उपभोक्ता के मन में बनी रहती है, तब तक वह उस वस्तु का प्रयोग करता रहता है।
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