ब्राण्ड परीक्षण - Brand Testing
ब्राण्ड परीक्षण - Brand Testing
एक निर्माता ब्राण्ड के प्रयोग के पूर्व इस बात का पता लगाना चाहता है कि ब्राण्ड सभी प्रकार से उपयुक्त है या नहीं। इस कार्य के लिए वह ब्राण्ड का परीक्षण करते है। ब्राण्ड परीक्षण के निम्न पाँच तरीके अपनाये जाते हैं.
1. स्मरण परीक्षण (Memory Test) – इस तरीके में कई नाम था चिन्ह प्रस्तुत किए जाते हैं और उपस्थित जन समुदाय से किसी नाम को स्मरण कर बोलने को कहा जाता है। जिस नाम का स्मरण अधिक व्यक्तियों द्वारा किया जाता है उस नाम को ब्राण्ड के लिए चुन लिया जाता है।
2. वरीयता परीक्षण (Preference Test) परीक्षण के इस ढंग में उपस्थित जनसमुदाय से अभिरुचि व्यक्त करने को कहा जाता है तथा जिस नाम को अधिक व्यक्तियों द्वारा प्रथम वरीयता दी जाती है. उसी नाम को ब्राण्ड चुन लिया जाता है।
3. अधिगमन परीक्षण (Learning Test) इस तरीके में जिस नाम को सबसे अधिक व्यक्तियों द्वारा सही तथा आसानी से उच्चारण किया जाता है, वहीं नाम ब्राण्ड के लिए चुन लिया जाता है।
4. समागम परीक्षण (Association Test) - इस तरीके के अंतर्गत ब्राण्ड नामों को उपस्थित जन समुदाय को पढ़कर या कार्ड पर लिखकर दे दिया जाता है
तथा बाद में जो नाम उनके मस्तिष्क में पहले आता है उसको लिखने के लिए कहा जाता है।
5. अनोखा परीक्षण (Uniqueness Test) इस परीक्षण के तहत उपस्थित जन समुदाय को निर्माता द्वारा प्रस्तावित ब्राण्ड नाम बताया जाता है तथा जन-समुदाय से यह निवेदन किया जाता है कि उस प्रस्तावित नाम से मिलता-जुलता ब्राण्ड नाम लिखकर दे। इससे निर्माता को यह पता लग जाता है। कि प्रस्तावित ब्राण्ड नाम बाजार में विद्यमान किस ब्राण्ड नाम से मेल खा रहा है। इस परीक्षण के आधार पर उचित निर्णय लिया जा सकता है।
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