भारत में वाणिज्यिक बैंकिंग - commercial banking in india

भारत में वाणिज्यिक बैंकिंग - commercial banking in india


संगठित क्षेत्र की बैंकिंग संस्थाओं में सबसे पुरानी संस्था वाणिज्यिक बैंकों की है जिनकी शाखाओं का जाल देश भर में बड़े व्यापक रूप में बिछा हुआ है तथा उसे जनता का सबसे अधिक विश्वास प्राप्त है और • उसका कुल बैंकिंग कामकाज में सबसे बड़ा हिस्सा है। आरंभ में ये बैंक निगमित निकायों के रूप में गठित किये गए थे जिनमें नीजी व्यक्ति ही अंशधारी थे, लेकिन बाद में वे राज्य स्वामित्व तथा नियंत्रण के अधीन ले आए गए। अब भारत में 27 बैंकों का एक सशक्त सार्वजनिक क्षेत्र वाणिज्यिक बैंकिंग का कार्य कर रहा है।


प्रारंभ में ये बैंक मुख्यतः व्यापार, वाणिज्य तथा उद्योगों के संगठित क्षेत्र को वित्त सुलभ करने का काम करते रहे लेकिन बाद में कृषि, छोटे व्यापारियों तथा छोटे छोटे ऋण आकांक्षियों को भी वित्त करने का काम भी सक्रिय रूप से करने लगे। सुलभ


भारत में कार्यरत वाणिज्यिक बैंक स्वामित्व तथा प्रबंध नियंत्रण के आधार पर कई उपवर्गों में विभाजित किये जा सकते हैं।


भारत में जो विदेशी वाणिज्यिक बैंक हैं वे विदेश में निगमित संयुक्त स्कन्ध वाले बैंकों की शाखाएं हैं ये बैंक भारत के विदेश व्यापार के लिए वित्त सुलभ करने के अतिरिक्त देश में बैंकिंग व्यवसाय भी करते हैं।