विनिमय बिल तथा चैक में तुलना - Compare bill of exchange and check

विनिमय बिल तथा चैक में तुलना - Compare bill of exchange and check


 दोनों में अनेक समानताएँ है जैसे- (1) दोनों में तीन पक्ष होते हैं- आहार्ता, आहायीं तथा आदाता (2) दोनों बिना शर्त आदेश है, (3) दोनों पर आहार्ता के हस्ताक्षर होते है। (4) दोनों विनिमय साध्य है, (5) दोनों पर बेचान किया जा सकता है, (6) दोनों की रकम वाहक को या आदेशानुसार अन्य व्यक्ति को दी जाती है।


दोनों में असमानताएँ ये हैं- (1) बिल पर देनदार की स्वीकृति होती है जो कि चैक पर नहीं होती (2) बिल को रेखांकित नहीं किया जाता, जबकि चैक रेखांकित हो सकता है। (3) बिल में किसी व्यक्ति अथवा फर्म को भुगतान का आदेश होता है,

जबकि चैक में यह आदेश बँक के लिए होता है। (4) बिल का भुगतान निश्चित तिथि को होता है, जबकि चैक का भुगतान तुरंत किया जाता है। (5) बिल के अप्रतिष्ठित होने की सूचना सभी संबंधित पक्षों को देना आवश्यक है, जबकि चैक की अप्रतिष्ठा की सूचना नहीं दी जाती है। (6) बिलों पर स्टाम्प लगाना होता है परंतु चैक पर कोई स्टाम्प नहीं होता तथा (7) विदेशी बिल तीन प्रतियों में लिखे जाते है परंतु चैक सदा एक ही लिखा जाता है। (3) प्रतिज्ञा पत्र


भारतीय विनिमय साध्य विपत्र अधिनियम के अनुसार, "प्रतिज्ञा पत्र एक लिखित पत्र होता है जिसमें इसके लिखने वाला इसमें अंकित रकम इसमें लिखे हुए व्यक्ति या पक्ष को या उसके आदेशानुसार या उसके वाहक को बिना शर्त देने की प्रतिज्ञा करता है।" इस प्रकार प्रतिज्ञा पत्र अथवा प्रोनोट में केवल दो पक्ष होते है एक लिखने वाला, जो प्रायः ऋणी होता है तथा दूसरा प्राप्तकर्ता जो लेनदार होता है। प्रतिज्ञा पत्र पर उसकी रकम के अनुसार रेवेन्यु स्टाम्प लगा होता है।