विक्रय संवर्द्धन की परिभाषा, विशेषता एवं उद्देश्य - Definition, Characteristics and Objectives of Sales Promotion
विक्रय संवर्द्धन की परिभाषा, विशेषता एवं उद्देश्य - Definition, Characteristics and Objectives of Sales Promotion
विक्रय संवर्द्धन की परिभाषाएँ
विक्रय संवर्द्धन की कुछ परिभाषाएँ निम्न है :
1. जे. आर. डाबमैंन (J. R. Daubman) के अनुसार, विक्रय संवर्द्धन से तात्पर्यं फुटकर व्यापारियों के कार्य को अधिकाधिक सरल बनाना है तथा व्यापारियों को अधिकाधिक श्रेष्ठ व्यापारी बनाना है।
2. एल. के. जॉनसन (L.. K. Johnson) के अनुसार, “विक्रय संवर्द्धन में वे सभी क्रियाएँ सम्मिलित की जाती है, जिनका उद्देश्य विक्रय दल,
विज्ञापन विभाग, व्यापारियों तथा वितरकों के कार्यों की पूर्ति करना एवं विक्रय एवं विक्रय दल के कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना होता है, ताकि विक्रय वृद्धि की जा सके और उपभोक्ताओं को क्रय में अधिक रूचि लेने को प्रेरित किया जा सकें।"
3. अमेरिकन विपणन संस्थान (American Marketing Association) के अनुसार “विक्रय संवर्द्धन में व्यक्तिगत विक्रय, विज्ञापन तथा प्रचार के अतिरिक्त वे क्रियाएँ भी आती है, जो उपभोक्ता के क्रय तथा विक्रेता की तत्परता को प्रोत्साहित करती है; जैसे प्रदर्शन, प्रदर्शनी, क्रियात्मक प्रदर्शन तथा विभिन्न अप्रचलित विक्रय प्रयत्न जो दैनिक जीवन में नहीं किए जाते।"
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