विक्रय-संवर्द्धन का महत्व - Importance of Sales Promotion
विक्रय-संवर्द्धन का महत्व - Importance of Sales Promotion
विक्रय-संवर्द्धन क्रियाएँ आज तीव्र प्रतिस्पर्धा के युग में न केवल व्यावसायिक संस्थाओं को जीवन देती है, बल्कि उनके व्यवसाय को गति भी प्रदान करती है। विक्रय संवर्द्धन के महत्व को निम्नलिखित दृष्टिकोण से देखा जा सकता है
1. विक्रय संवर्द्धन व्यक्तिगत विक्रय एवं विज्ञापन के बीच के अंतर को पाटता है तथा उनकी क्रियाओं को प्रभावी बनाता है।
2. उत्पादकों, मध्यस्थों के विक्रय में वृद्धि होती है जिससे उनके लाभ बढ़ते हैं।
3. मध्यस्थों को अधिक संग्रहण के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसके लिए उत्पादकों द्वारा छूट एवं सुविधाएँ दी जाती है।
4. उत्पाद के जीवन चक्र की प्रस्तुतीकरण एवं परिपक्वता की अवस्था में विक्रय संवर्द्धन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
5. विशेष मौसम की वस्तुओं की खपत होने लगती है।
6. संस्था की ख्याति बढ़ती है क्योंकि प्रतियोगिताएँ, नमूनों का वितरण आदि संस्था के प्रति जनता के हृदय में स्थान बनाती है।
7. बाजार संबंधी सूचनाएँ प्राप्त होती है जिससे उत्तम विपपन नीति बनाना संभव हो जाता है। 8. देश का आर्थिक विकास तीव्र होता है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं तथा जीवन-स्तर ऊँचा होता है।
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