कार्यशील पूँजी का महत्व - importance of working capital

कार्यशील पूँजी का महत्व - importance of working capital


 व्यवसाय को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पर्याप्त कार्यशील पूँजी की आवश्यकता होती हैं। व्यवसाय का संचालन कार्यशील पूँजी के माध्यम से ही हो सकता है। व्यवसाय में स्थिर सम्पत्तियों के साथ-साथ चालू पूँजी की व्यवस्था भी अनिवार्य हैं।


व्यवसाय में कार्यशील पूँजी की मात्रा पर्याप्त होना चाहिये। व्यवसाय में अत्यधिक कार्यशील पूँजी होना या कार्यशील पूँजी की अल्पता होना, ये दोनों ही बिन्दु विपरीत परिस्तिथियों का संकेत देते हैं।


कार्यशील पूँजी की अल्पता या अपर्याप्तता व्यवसाय की असफलता का कारण बन सकता हैं। तकनीकी दिवालियापन की स्थिति निर्मित हो सकती हैं। वहीं कार्यशील पूंजी की अधिकता अधिक तरलता प्रदान करती हैं। विनियोग व्यर्थ होते हैं, उन पर लाभ प्राप्त नहीं होता और कोषों की लागत बढ़ जाती हैं।