मीडिया योजना का विकास - media plan development

मीडिया योजना का विकास - media plan development


मीडिया योजना का मुख्य व मौलिक उद्देश्य लक्षित उपभोक्ता या व्यक्ति समूह तक बेहतर तरीके से अपनी बात या संदेश को प्रेषित करना था पहुँचाना है। इस विशिष्ट लक्ष्य को प्राप्त करने में मीडिया योजना क्रमबद्ध ढंग से सभी सहयोगी तत्वों के संयोजक व संकलन करके विशिष्ट लक्ष्य की प्राप्ति में सहायता करता है। इनके निम्नलिखित संसाधनों से आसानी से समझा जा सकता है।


1. मिश्रित मीडिया :- संचार माध्यमों जैसे कि सोशल मीडिया और मैग्जीन मीडिया चैनलों के संयोजन


से मार्केटिंग आब्जेक्टिव प्राप्त किया जा सकता है। 2. लक्षित बाजार :- एक विशिष्ट समूह या उपभोक्ताओं की पहचान कर अपने विज्ञापन मुहिम को


संचालित करना । जैसे कि वह आपके उत्पाद को खरीदने में ज्यादा इच्छुक है।


3. विज्ञापन क्षेत्र का महत्व:- लक्षित बाजार तक पहुँचने के लिए मीडिया के प्रदर्शन विवरण स्तर में बदलाव या कॉट-छाँट करना मतलब अन्य जन सांख्यिकीय में विवरण या स्पष्टता और संतप्ति में कमी लायेगें।


4. भौगोलिक विज्ञापन क्षेत्र :- जिन क्षेत्रों में व्यवसाय रहा हो, वहाँ मीडिया के प्रदर्शन या विवरण की पहुँच को और तेज करना और उन क्षेत्रों में जहाँ ये अप्रासंगिक हो चुके हैं वहाँ पर कटौती या कमी करना।


5. समय सारिणीया सूचीबद्धता :- मीडिया के क्रियाकलाप को में रखने का अर्थ है कि इसे उच्च क्षमता


या सर्वाधिक उपभोक्ता द्वारा देखे जाने वाले समय के साथ संयोजित व संतुलित किया जाए, जैसे


कि टेलीविजन पर कोई बड़ा स्पोर्टस इवेंट या क्रिकेट मैच के प्रसारण के दौरान 6. पहुँच व आवृति :- तय या नियत संदेश को अधिकतम व्यक्तियों या समूह द्वारा देखा या सुना जा सके का निर्णय (पहुँच) अथवा उसी संदेश को छोटे समूह तक पहुँचाना आवृत्ति है।


7. लचीलापन :- तेजी से बाजार के बदलते स्वरूप या स्वभाव को देखते हुए उनको आत्मसात करने के लिए कूट योजनाओं का लचीला होना अत्यंत आवश्यक है। जैसे कि बाजार में नया या बढिया मौका, मीडिया की क्षमता अथवा चिन्ह के खोने (टेडमार्क) का भया


8. क्रियात्मक अपेक्षा और रूख प्रचार अभियान को आगे बढ़ाने के द्वारा संचार व संवाद को स्थापित करना चाहिए। मुख्य सड़क पर बड़े-बड़े पोस्टर लगाने की अपेक्षा सोशल मीडिया भावनाओं को उभारने में ज्यादा प्रभावकारी सिद्ध होती है।


9. बजट मीमांसा :- मीडिया कैंपेन और लागत मूल्य के मध्य सावाधनी पूर्वक करना आवश्यक है. क्योंकि उपभोक्ता से इच्छित स्तर पाने के लिए एम्सपोजर प्राइज पर ध्यान आवश्यक शर्त है। मीडिया योजना का अंतिम दौर है योजना के प्रभाव का आकलन और आवश्यक संयोजन और बदलाव । व्यक्तिगत मार्केटिंग और मीडिया के उद्देश्य के संतुलन और उनके प्रभाव का मूल्यांकन


जरूरी है। यदि इसमें सफलता प्राप्त होती है तो भविष्य की योजनाओं के लिए इसी मॉडल का उपयोग लाभकारी रहेगा।