पर्याप्त कार्यशील पूँजी के लाभ - Merits of adequate working capital
पर्याप्त कार्यशील पूँजी के लाभ - Merits of adequate working capital
यदि व्यवसाय में कार्यशील पूँजी पर्याप्त मात्रा में होती है तो इसके निम्न लाभ होते हैं
1. पर्याप्त कार्यशील पूँजी से लेनदारों को समय पर भुगतान मिल पाता है। जिससे संस्था की साख में वृद्धि होती हैं।
2. पूर्तिकर्ताओं को निर्धारित अवधि में भुगतान कर, नकद छूट का लाभ उठाया जा सकता हैं। इससे लागत कम होती हैं और लाभ में वृद्धि हो सकती हैं।
3. पर्याप्त पूँजी होने से, लाभांश का समय पर भुगतान किया जा सकता हैं जिससे अंशों के मूल्य में भी वृद्धि होती हैं।
4. पर्याप्त कार्यशील पूँजी होने से उत्पादन कार्य सतत चलता रहता है। ग्राहकों की आवश्यकता संतुष्ट की जा सकती है। मजदूरों को समय पर भुगतान मिलने से उच्च मनोबल का लाभ मिल पाता हैं।
5. पर्याप्त कार्यशील पूँजी से, बढ़े ऑर्डर्स की पूर्ति की क्षमता बढ़ती हैं, जिससे लाभ के अवसरों को भुनाया जा सकता हैं।
6. आकस्मिक संकटों एवं विपरीत परिस्थितियों एवं मंदिकाल में व्यवसाय का संचालन सुचारू रूप से हो
पाता है। व्यवसाय की लाभ दर को स्थायी रख पाने में मदद मिलती हैं।
7. ग्राहकों को अधिक उदार शर्तों पर विक्रय संभव हो पाता हैं।
8. कम्पनी की ऋण चुकाने की क्षमता होने से, भविष्य में वित्तीय संस्थाओं से ऋण आसानी से मिल पाता हैं।
9. चालू सम्पत्तियों के मूल्यों में कमी होने पर व्यवसाय को प्रतिकूल प्रभावों से बचाने में मदद मिलती हैं।
10. पर्याप्त कार्यशील पूँजी से ही, स्थायी सम्पत्तियों का उपयोग उसकी पूर्ण क्षमता एवं कार्यसाधकता से संभव हैं।
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