भारतीय रिज़र्व बैंक - Reserve Bank of India

भारतीय रिज़र्व बैंक - Reserve Bank of India


भारत में केंद्रीय बैंक के रूप में 1 अप्रैल 1935 को भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना हुई भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना के पूर्व मुद्रा तथा साख पर नियंत्रण क्रमश: सरकार एवं इम्पीरियल बैंक का हुआ करता था । भारत में केंद्रीय बैंक की स्थापना के लिए कई आयोग ने अपने सुझाव दिए थे। 1925 में हिल्टन यंग आयोग और 1929 में केंद्रीय बैंकिंग जाँच समिति की सिफारिशों पर 1934 में भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम पास कर | अप्रैल 1935 को भारतीय रिज़र्व बैंक की एक सार्वजानिक संस्था के रूप में विधिवत स्थापना की गई।


1935 में बर्मा के भारत से अलग होने पर 1942 तक यह बैंक बर्मा के केंद्रीय बैंक के रूप में कार्य करता रहा। 1947 में पाकिस्तान के भारत से अलग होने पर 30 जून 1948 तक पाकिस्तान के भी केंद्रीय बैंक के रूप में कार्य करता रहा। 1 जनवरी 1949 को इस बैंक का राष्ट्रीयकरण कर दिया गया। राष्ट्रीयकरण के बाद यह राज्य स्वामित्व तथा राज्य नियंत्रण में देश के केंद्रीय बैंक के रूप में कार्य कर रहा है। स्वतंत्रता के पश्चात भारतीय रिज़र्व बैंक को विकास संबंधी कार्य भी सौंपे गए जो वित्तीय प्रणाली के नियंत्रक के रूप में इसके कार्यों से अलग है।