विज्ञापन एजेंसी की भूमिकाएँ - Role Of Advertising Agency
विज्ञापन एजेंसी की भूमिकाएँ - Role Of Advertising Agency
एक विज्ञापन एजेंसी के कार्य भिन्न-भिन्न होते है। यदि एजेंसी बड़ी है तो उसकी भूमिका अधिक होती है तथा यदि एजेंसी छोटी है तो उसकी भूमिका कम होती है। साधारणतया एक विज्ञापन एजेंसी निम्नलिखित भूमिकाओं का निर्वहन करती है:
1. नियोजन :- नियोजन से तात्पर्य यह है कि विज्ञापन में कौन-कौन सी बातें होनी चाहिए।
2. निर्माण :- निर्माण का अर्थ है कि जो विज्ञापन दिया जाना है उसकी प्रति तैयार करना ।
3. कार्य सम्पन्न :- इसके अंतर्गत विज्ञापन कराने वाली कंपनी को विज्ञापन प्रति दिखाकर उस माध्यम को भेजना है
जिसमें वह प्रति छपनी है या दिखानी जानी है। 4. अनुसंधान :- विज्ञापन एजेंसियों का प्रमुख कार्य विज्ञापन बनाकर उसको प्रस्तुत करना ही नहीं,
बल्कि उपभोक्ता तथा बाजार के बारे में अनुसंधान करना भी है। उपभोक्ता अनुसंधान में उपभोक्ता की रुचि, उसकी आदत एवं प्रवृत्ति, उसके देय क्षमता आदि के बारे में पता लगाया जाता है।
5. प्रभावशीलता का मूल्यांकन :- विज्ञापन एजेंसियों द्वारा विज्ञापन के बाद यह पता लगाया जाता है कि विज्ञापन का ग्राहकों के ऊपर कैसा प्रभाव है। अगर विज्ञापन ज्यादा प्रभावकारी नहीं है तो उसमें कुछ परिवर्तन करके उसे प्रभावकारी बनाया जाता है।
6. इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिए विज्ञापन प्रति का निर्माण :- विज्ञापन एजेंसियों का कार्य केवल छपने वाला विज्ञापन तैयार करना नहीं है, बल्कि रेडियों एवं टेलीविजन पर विज्ञापन करने के लिए प्रति तैयार करना है।
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