विक्रय संवर्द्धन मूल्यांकन - sales promotion appraisal
विक्रय संवर्द्धन मूल्यांकन - sales promotion appraisal
विक्रय-संवर्द्धन मूल्यांकन का अर्थ (Meaning of Sales Promotion Evaluation)
विक्रय संवर्द्धन मूल्यांकन का आशय विक्रय संवर्द्धन कार्यक्रम, प्रयासों व कार्यों के परिणामों की अनेक पूर्व निर्धारित उद्देश्यों व लक्ष्यों से तुलना करके यह सुनिश्चित करना है कि कम्पनी ने अपने विक्रय अभिवृद्धि के लक्ष्य को निश्चित समय में प्राप्त कर लिया है। विक्रय संवर्द्धन मूल्यांकन से इस बात का भी पता किया जा सकता है कि कम्पनी विक्रय वृद्धि कार्यक्रम में किन कारणों से असफल रही हैं तथा विक्रय अभिवृद्धि में किन वर्गों का योगदान कैसा रहा है। विक्रय संवर्द्धन कार्यक्रम में इस बात का मूल्यांकन किया जाता है कि विक्रय संवर्द्धन पर लगाये समय, श्रम व धन से संस्था के विक्रय एवं लाभों में किस सीमा तक वृद्धि हुई है तथा विक्रय वृद्धि में मध्यस्थों व विक्रयकर्ताओं का कितना योगदान रहा है
तथा विक्रय प्रयासों से ग्राहकों की सन्तुष्टि में किस सीमा तक वृद्धि हुई है। विक्रय संवर्द्धल मूल्यांकन का महत्व (Important of Evaluation of Sales Promotion)
विक्रय संवर्द्धन कार्यक्रम का मूल्यांकन करके उनकी प्रभाविता (Effectiveness) की जाँच की जा सकती है तथा कमियों के आधार पर भावी सुधार हेतु कदम उठाये जा सकते हैं। सम्बन्धित वितरकों मध्यस्थों, फुटकर व्यापारियों के विक्रय प्रयासों में तेजी लायी जा सकती है तथा कम्पनी के अपने विक्रय कर्मचारियों (Sales Force) को आवश्यक निर्देश दिये जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, अप्रभावी विक्रय संवर्द्धन तकनीकों को त्याग कर नयी विधियों को अपनाया जा सकता है। इसी प्रकार, अलाभप्रद सिद्ध होने वाली तकनीकों में सुधार व समायोजन भी किये जा सकते है।
इसी प्रकार, अलाभप्रद सिद्ध होने वाली तकनीकों में सुधार व समायोजन भी किये जा सकते हैं। मूल्यांकन के फलस्वरूप लागत अनुमानों, बजट, समन्वय प्रयासों, संचार-माध्यमों आदि में भी परिवर्तन करके भावी विक्रय संवर्द्धन कार्यक्रम को सुदृढ़ बनाया जा सकता है।
सामान्यत: विक्रय संवर्द्धन कार्यक्रम का मूल्यांकन करना निम्न कारणों से आवश्यक होता है :
1. लक्ष्य पूर्ति का अनुमान विक्रय संवर्द्धन कार्यक्रम निश्चित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए चलाया जाता है। अतः इसके मूल्यांकन से यह ज्ञात हो जाता है कि विक्रय संवर्द्धन के लक्ष्य किस सीमा तक पूरे हो सके हैं।
2. सुधारात्मक कार्यवाही - विक्रय संवर्द्धन का मूल्यांकन करके इसकी पिछली कमियों को दूर करने हेतु सुधारात्मक प्रयास किये जा सकते हैं।
3. भावी निर्णयों में सुविधा विक्रय संवर्द्धन कार्यक्रम का मूल्यांकन करके ये निर्णय लिये जा सकते हैं कि अब भविष्य में कम्पनी को किन क्षेत्रों, किन उत्पादों व किस प्रकार के ग्राहकों पर अधिक ध्यान देने व धन खर्च करने की आवश्यकता है। साथ ही, यह भी निर्णय लिया जा सकता है कि कहाँ विक्रय प्रयासों को बन्द करने की आवश्यकता है।
4. उच्च प्रबन्ध को प्रभावित करना - विक्रय संवर्द्धन के श्रेष्ठ परिणाम प्रस्तुत करके विक्रय संवर्द्धन विभाग उच्च प्रबन्धकों को प्रभावित कर सकता है।
इसके लिए विक्रय संवर्द्धन कार्यों का निरन्तर मूल्यांकन करके इसकी उपलब्धियों को समय-समय पर उच्च प्रबन्धकों के समक्ष प्रस्तुत करना होता है।
5. संवर्द्धनात्मक बजट का निर्धारण संस्था में विभिन्न संवर्द्धनात्मक कार्यों, जैसे- विज्ञापन, विक्रयकला, विक्रय संवर्द्धन आदि के लिए बजट की राशि निर्धारित करनी होती है। विक्रय संवर्द्धन विभाग को अपने बजट की राशि में वृद्धि करवाने के लिए अपने कार्यों का मूल्यांकन करके उपलब्धियों को दर्शाना होता है। इस प्रकार मूल्यांकन के आधार पर ही अधिक बजट राशि प्राप्त की जा सकती है।
6. चरम बिन्दु ज्ञात करना- किसी भी कार्य में चरम बिन्दु के बाद प्रयासों पर गिरती दर से परिणाम प्राप्त होते हैं।
विक्रय संवर्द्धन के क्षेत्र में भी मूल्यांकन द्वारा प्रयासों की चरम सीमा को ज्ञात किया जा सकता है ताकि इस पर विनियोजित धन का सदुपयोग किया जा सके।
7. नवीन प्रवृत्तियों का ज्ञान विक्रय संवर्द्धन प्रयास भी निरन्तर बदलते रहते हैं। इनका मूल्यांकन करके बाजार में प्रचलित नवीन प्रवृत्तियों का ज्ञान किया जा सकता है। भिन्न-भिन्न संस्थाओं द्वारा विक्रय संवर्द्धन के नित नये तरीके अपनाये जाते हैं। अत: नवीन विधियों को अपनाने की प्रेरणा इनके मूल्यांकन से ही प्राप्त होती है।
8. उत्तरदायित्व का निर्धारण विक्रय संवर्द्धन कार्यक्रम का मूल्यांकन करके इस सम्बन्ध में विभिन्न कर्मचारियों की जवाबदेही निश्चित की जा सकती है।
9. उत्प्रेरण - विक्रय संवर्द्धन के कार्य में संलग्न कर्मचारियों को और अधिक कुशलतापूर्वक कार्य करने की प्रेरणा देने के लिये विक्रय संवर्द्धन कार्यक्रम का मूल्यांकन किया जाना आवश्यक होता है।
10. अनुसन्धान एवं विकास के अवसर विक्रय संवर्द्धन कार्यक्रम का मूल्यांकन करके विकास के अवसरों का निर्धारण किया जा सकता है। इससे संवर्द्धन शोध को भजी प्रोत्साहन मिलेगा। विकास संवर्द्धन कार्यक्रम के
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