स्टॉक मार्केट में SEBI की भूमिका - ROLE OF SEBI

स्टॉक मार्केट में SEBI की भूमिका - ROLE OF SEBI


आइये अब देखते हैं, स्टॉक मार्केट में SEBI की भूमिका स्टॉक मार्केट को नियमित रूप से चलाने में SEBI की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है, आज अगर स्टॉक मार्केट सही तरह से काम कर रहा है, तो इसके पीछे SEBI की सबसे प्रमुख भूमिका है, जो स्टॉक एक्सचेंज के कार्यो का नियमन और नियंत्रण करती है, SEBI के कारण ही एक छोटा निवेशक भी STOCK EXHANGE पर अपना भरोसा कर सकता है, क्योंकि SEBI का प्रमुख उद्देश्य निवेशकों के हितों की सुरक्षा करना है,


सभी STOCK MARKET PARTICIPANTS का एक ही मकसद होता है- स्टॉक निवेश से लाभ कमाना और पैसा बनाना, और जहाँ पैसा होता है, वहाँ लालच, बुराई, डर, सभी तरह की भावनाएं शामिल हो जाती है,

और ज्यादा पैसे के लालच में लोग गलत तरीके से पैसा बनाने की कोशिश करते है, जैसे- हर्षद मेहता SCAM इन्ही सब बातों को देखते हुए, स्टॉक मार्केट से अलग एक ऐसे संस्था की जरूरत महसूस होती है, जो कि ये तय और सुनिश्चित कर सके कि स्टॉक मार्केट में सभी शामिल प्रतिभागी सही काम कर रहे है, और किसी तरह का कोई गलत काम नही हो रहा हैं, और ऐसे महे SEBI इसी जरूरत को पूरा करती है,


SEBI इस बात को सुनिश्चित करती है, स्टॉक मार्केट के अंदर और बाहर सब सही तरह से अपना काम करते रहे,


SEBI द्वारा नियंत्रित की जाने वाली संस्थाए SEBI ने सेक्युरिट्स मार्केट को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने के लिए आगे बताये गए संस्थाओ को Control करती है,

और उनको कुछ set of rules देती है जिसके द्वारा वो सेक्युरिट्स से जुड़े अलग अलग सौदों को नियंत्रित करते है


1. CREDIT Rating Agency


ये संस्थाए कॉर्पोरेट और गवर्नमेंट की लोन लेने की क्षमता का आंकलन करती है, जैसे- CRISIL, ICRA CARE


2. Debentures Trustees


इसमे लगभग सभी भारतीय बैंक आ जाते है, जो कॉरपोरेट कंपनियों को डिबेंचर्स बॉन्ड के बदले loan देती है, और ये डिबेंचर आम जनता द्वारा भी बैंक के माध्यम से खरीदे जा सकते है,


3. Depositories.


Depositories यानी वे संस्थाए जो शेयर सेक्युरिट्स को डिजिटल फॉर्म में सभी छोटे बड़े इन्वेस्टर का अलग अलग एकाउंट ओपन करके उनके एकाउंट में खरीदे गए शेयर्स को जमा करती है, जैसे NSDL और CDSL, जो DEMAT ACCOUNT की सर्विसेज देते है,


4. Depositories Participant


हम में से कोई भी DIRECTLY किसी DEPOSITERIES के पास अपना ACCOUNT नहीं खोल सकता है, हमे डिमैट एकाउंट ओपन करने के लिए DEPOSITERIES PARTICIPANTS के पास जाना होता है,


जैसे तमाम बैंक्स, और STOCK BROKERS


5. FII - FOREGIN INSTITUTIONAL INVESTORS FII द्वारा किये जाने वाले TRANSACTION को भी SEBI नियंत्रित करती है,


6. MERCHANT BANKERS


MERCHANT BANKER कंपनी को IPO लाने में HELP करते हैं, जैसे- KARVY, AXIS BANK,


ICICI BANK


इनके कार्यो का भी SEBI नियंत्रण करती है,


7. AMC (ASSET MANAGEMENT COMPANIES) इसमे सभी MUTUAL FUND - कंपनियां आ जाती है, जो लोगो से पैसे collect करके उन्हें स्टॉक मार्केट में निवेश करती है, इन सभी को SEBI का पास से लाइसेंस लेना होता है, और SEBI द्वारा बनाये गए नियमो के अनुसार काम करना होता है,


8. PMS- (Portfolio Management Services.)


PMS बिल्कुल MUTUAL FUND की तरह ही होता है, लेकिन इसमें कम से कम 25 लाख रुपये की निवेश की न्यूनतम सीमा है, जैसे- RELIGARE WEALTH, पराग पारिख, आदि, 9. STOCK BROKER AND SUB BROKERS


STOCK BROKER एक मुख्य कड़ी है, जिसके माध्यम से हम STOCK EXCHANGE पर स्टॉक खरीदने या बेचने का आर्डर देते है, SEBI सभी स्टॉक एक्सचेंज को लाइसेंस देने के साथ साथ उनके द्वारा किये जाने वाले कार्यों के लिए अलग अलग नियम और कानून बनाकर, उनका नियंत्रण करती है,