शेयर या स्टॉक एक्सचेंज - share or stock exchange

शेयर या स्टॉक एक्सचेंज - share or stock exchange


किसी कंपनी के एक निश्चित हिस्से पर मालिकाना हक का प्रमाणित दस्तावेज शेयर कहलाता है। शेयर बाजार (स्टॉक एक्सचेंज) वह जगह होती है जहां सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों की खरीद-फरोख्त होती है। इसे सेकेंडरी मार्केट भी कहा जाता है क्योंकि यहां कंपनी और ग्राहकों के बजाये निवेशकों के बीच ही कारोबार होता है। कोई भी कंपनी इसमें अपनी सीधी भागीदारी नहीं निभाती। कंपनी पूंजी जुटाने के लिए आईपीओ के जरिये अपने शेयर को प्राइमरी मार्केट में उतारती है। प्राइमरी मार्केट में आने के बाद ही ये शेयर स्टॉक एक्सचेंजों में निवेशकों के आपसी कारोबार के लिए उपलब्ध हो पाते हैं। स्टॉक एक्सचेंज में शेयरों के कारोबार से ही पता चलता है कि किसी कंपनी के प्रदर्शन और संभावना को बाजार किस तरह ऑक रहा है।

देश में अभी शेयर बाजारों पर नियंत्रण रखने वाली संस्था भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से मान्यता प्राप्त कुल 23 शेयर बाजार हैं। लेकिन इनमें सबसे महत्वपूर्ण बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज हैं। देश का 90 प्रतिशत से ज्यादा शेयर कारोबार इन दो बाजारों में ही हो रहा है। देश के शेयर बाजारों में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण मूल्य दो लाख करोड़ डॉलर से भी ऊपर पहुंच चुका है। भारत में शेयर बाजार में निवेश अभी तक बहुत लोकप्रिय नहीं है। एक अनुमान के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था का केवल चार फीसदी हिस्सा ही शेयर कारोबार में शामिल है। कई विकसित देशों में आधी से ज्यादा अर्थव्यस्था शेयर बाजार का हिस्सा होती है। वहीं ऑनलाइन शेयर कारोबार के लिए जरूरी डीमैट अकाउंट अभी भारत में केवल 2.7 करोड़ हैं। पहले देश के शेयर बाजारों में सिर्फ भारतीय ही कारोबार कर सकते थे, लेकिन 2012 से विदेशी नागरिकों को भी इसकी इजाजत दे दी गई। इससे अब दुनिया के किसी भी हिस्से से इन स्टॉक एक्सचेंजों में ऑनलाइन कारोबार किया जा सकता है।