शेयर बाज़ार ट्रेडिंग सिस्टम - Trading System in Stock Exchanges

शेयर बाज़ार ट्रेडिंग सिस्टम - Trading System in Stock Exchanges


हाल के समय में, बड़ी संख्या में लोग शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने की ओर बढ़ रहे हैं ऐसा इसलिए है क्योंकि शेयर


बाजार बहुत कम समय में बहुत अच्छा रिटर्न देने वाला जरिया बन गया है। शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वाले ट्रेडर्स में से कुछ ट्रेडर अपने कौशल पर निर्भर रहते हैं और कुछ अच्छे रिटर्न के लिए दूसरों पर निर्भर होते हैं। लेकिन इनमे बहुत कम लोगों को सफलता मिली है और ज्यादातर लोग अभी भी सफलता की उम्मीद कर रहे हैं। यह केवल इसलिए है क्योकि ट्रेडर टेक्नोलॉजी के बारे में पूरी तरह जागरुक नहीं है। इस लेख में हम आपको कुछ शक्तिशाली सॉफ्टवेयर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने ट्रेडिंग का इतिहास बदल दिया है और यह धीरे- धीरे ट्रेडर्स के बीच बहुत तेजी से प्रसिद्ध हो रहे हैं। आप सभी जानते हैं

कि आजकल टेक्नोलॉजी ने हर क्षेत्र में अपने पैर जमा लिया है, और हर क्षेत्र में टेक्नोलॉजी हमे बहुत तेजी से सफलता की तरफ ले जा रहा है। टेक्नोलॉजी ने ट्रेडर्स के लिए ट्रेडिंग को बहुत आसान और लाभदायक बना दिया हैं। लेकिन इससे पहले हमें यह जानना होगा कि ट्रेडिंग करने के कितने तरीके हैं। शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने के दो तरीके हैं।


मैन्युअल ट्रेडिंग में, ट्रेडर को सिर्फ अपनी कौशल के साथ ट्रेडिंग करनी पड़ती है। उनमे से कुछ ट्रेडर सलाहकार सेवा पर निर्भर होकर रह जाते है और कुछ ब्रोकर हाउस द्वारा टिप्स लेकर ट्रेड करते हैं। यह ही नहीं ट्रेडर्स को Price movements को समझने के लिए बहुत अधिक समय देना पड़ता है

और पूरा विश्लेषण करना पड़ता है, उसके बाद ही वो ट्रेड कर पाते है और फिर भी यह बहुत लाभदायक साबित नहीं होता। लेकिन अगर ट्रेडिंग रोबोट सिस्टमद्वारा की जाती है, तो ट्रेडिंग बहुत Pure, perfect and error free हो सकती है। ऑटो रोबोट ट्रेडिंग या एल्गो ट्रेडिंग एक ऐसी तकनीक है जिसमे हम सॉफ्टवेयर के द्वारा शेयरों को खरीदते और बेचते हैं और हमारे सॉफ्टवेयर हमारी Strategy के हिसाब से सही वक्त पर शेयरों को खरीदते और बेचते हैं और इन सॉफ्टवेयर को विकसित करने और लाइव मार्केट पर परीक्षण करने के बाद ही बाजार मे उतारा गया है। रोबोट लाभ होने की सम्भावना को बढ़ा देता हैं। क्योकि ऑटो ट्रेडिंग में सभी प्रक्रियाएं खुद ब खुद (औटोमैटिक) काम करती है

और हमारी भावनाएं हमारे ट्रेडिंग करने के बीच नहीं आती हैं। कई बार मैन्युअल ट्रेडिंग करते समय ट्रेडर्स को पता चलता है कि बाजार में उनके शेयरों या कमोडिटी की स्थिति नुकसान की तरफ ले जा रही है तब भी ट्रेडर अपनी भावनाओं की वजह से उस स्थिति (पॉज़िशन) को ख़त्म नहीं करते और नुकसान बढ़ जाता है। यदि बाजार में हमारी स्थिति खराब है और हमें पता चल जाता है कि हमारी ट्रेड दोबारा फायदे की स्थिति में नहीं आएगी, तो हमें जल्दी से बाहर निकलना चाहिए। लेकिन, भावनाओं के कारण हम ऐसा नहीं कर पाते और हम उस शर्त (कन्डिशन) में ज्यादा नुकसान कर लेते हैं। और यही कारण है कि कई ट्रेडर ट्रेडिंग न करने का फैसला ले लेते है।

इसके बाद, यह न केवल पैसे का नुकसान होगा, बल्कि ट्रेडर अपना आत्मविश्वास भी ढीला कर लेता है और ट्रेडर शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालो के आलोचकों के समूह में शामिल हो जाता है।


भारत में, अधिकांश लोग मैन्युअल ट्रेडिंग कर रहे हैं क्योंकि वे ऑटो रोबोट ट्रेडिंग के बारे में नहीं जानते हैं। उनके पास अच्छा ज्ञान हैं लेकिन फिर भी वे सफल नहीं हैं, क्योंकि वे सफलता से एक कदम दूर हैं, जो उन्हें रोबोट सिस्टम का उपयोग करके उसे पा सकते है। ऑटो रोबोट ट्रेडिंग सिस्टम कुछ फास्ट कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर का एक समूह होता है, जिसमें ऑर्डर अपने आप उत्पन्न होते हैं और ट्रेडिंग टर्मिनल पर स्वतः सबमिट हो जाते है। रोबोटिक ट्रेडिंग कई सारे फायदे देता है। जैसे की अच्छी ऐक्युरेसी,

एक बार में कई स्क्रिप्ट पर ध्यान दे पाना, अच्छा रिटर्न, समय की बचत और रीयल टाइम ट्रेडिंग ऑटो ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी और रोबोट का मेल होता है ऑटो ट्रेडिंग ट्रेडर्स को प्रवेश और बाहर निकलने के लिए नियम बनाने की अनुमति देता है और कंप्यूटर नियमों के अनुसार स्वचालित रूप से पूरा ट्रेड करता है। स्ट्रेटेजी सरल शर्तों भी आधारित हो सकती है जैसे कि मूविंग एवरेज या यह कुछ जटिल नियम पर आधारित हो सकती है। यही नहीं, ट्रेडर अपनी स्ट्रेटेजी को भी रोबोट में जोड़ सकता है।


हर व्यवसायी को सफलता हासिल करने के लिए अपने व्यापार के जरूरी सफलता कारकों को पहले से ही खोज लेना चाहिए, क्योंकि सफलता का मंत्र ही यह तय करता है कि व्यापार कितनी सफलता पायेगा।

इसी तरह से ट्रेडिंग करते वक्त नई तकनीक ही ट्रेडिंग का जरूरी सफलता कारक होता है, जिसको हम ऑटो रोबोट ट्रेडिंग के नाम से जानते है। यदि ट्रेडर खुद को रोबोट ट्रेडिंग सिस्टम के साथ जोड़ लेगा, तो वह सब कुछ बड़े स्तर पर कर पायेगा, क्योंकि रोबोट ट्रेडिंग करते वक्त उनको ट्रेडिंग करने में पूरा वक्त नहीं देना होगा, बल्कि उसको कुछ मिनट अपनी आवश्यकता रोबोट में जमा करने को देने होंगे, उसके बाद रोबोट अपने आप हर प्रक्रिया को खुद ब खुद पूर्ण करेगा।


लोगों को गलत समझ है कि नई तकनीक को उपयोग करना कठिन है। परंतु ऐसा नहीं है, तकनीक को समझने के लिए बस कुछ मिनट देने होते है और फिर जिंदगी भर वो हमे सफलता की तरफ तेजी से ले जाने का काम करती है। वास्तव में, रोबोट को समझना और उपयोग करना बहुत आसान है। ट्रेडर को केवल एक बार रोबोट ट्रेडिंग शुरू करना होगा और कुछ दिनों में वह इन सॉफ्टवेयर पर महारत हासिल कर लेंगे।