इन्वेंटरी के प्रकार तथा रखने की आवश्यकता - Types and Need of holding Inventory

इन्वेंटरी के प्रकार तथा रखने की आवश्यकता - Types and Need of holding Inventory


वस्तुसूची का वर्गीकरण (Types of Inventory): वस्तुसूची को निम्नलिखित श्रेणियों में वर्गीकृत किया जा सकता है: (ए) कच्चे माल की वस्तुसूची (Raw material): इसमें बुनियादी सामग्रियां शामिल हैं जो अभी तक विनिर्माण संस्था में उत्पादन के लिए प्रतिबद्ध नहीं हैं। निर्माण संगठनों के मामले में, उत्पादन प्रणाली में विभिन्न प्रकार के कच्चे माल का उपयोग किया जाता है। सुचारू उत्पादन कार्य सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की उत्पादन देरी से बचने के लिए, संगठन को कच्चे माल की सूची रखने की आवश्यकता होती हैं। (बी) स्टोर और स्पेयर (Stores and Spares): इसमें उन उत्पादों को शामिल किया गया है जो बिक्री के उद्देश्य के लिए उत्पादित मुख्य उत्पादों के सहायक उपकरण हैं।

स्टोर्स और स्पेयर के उदाहरण बोल्ट, नट्स, क्लैंप, शिकंजा इत्यादि हैं। इन स्पेयर पार्ट्स को आम तौर पर बाहर से खरीदा जाता है। (सी) अर्धनिर्मित उत्पादन वस्तुसूची (Work-in-process inventory ): इसमें उन सामग्रियों को शामिल किया गया है जो उत्पादन प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध हैं लेकिन पूरा नहीं हुए हैं। उत्पादन प्रक्रिया जितनी जटिल और लंबी होगी, अर्धनिर्मित उत्पादन वस्तुसूची विशाल होगी जिसमे अधिक निवेश करना पड़ता हैं।


(डी) निर्मित माल वस्तुसूची (Finished goods inventory): एक विशेष अवधि के दौरान सभी निर्मित सामान तुरंत नहीं बेचे जा सकते हैं। इस सामान को गोदाम में रखा जाता है। निर्मित माल वस्तुसूची का उद्देश्य उत्पादन और बिक्री कार्यों को अलग करना है ताकि बिक्री के पहले माल का उत्पादन करने के लिए दोहरी गणना न हो।


कार्यों के आधार पर, सूची को निम्नलिखित चार प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है: (i) लोट- साइज इन्वेंट्रीज़ (Lot size inventory ): कुछ व्यवसायिक कंपनियां थोक में सामग्रियों को खरीदना पसंद करती हैं क्योंकि उन्हें थोक खरीद पर छूट मिलती है। बड़ी व्यावसायिक कंपनियां बड़ी मात्रा में खरीद सकती हैं। उनकी मांग की सटीक मात्रा में माल का उत्पादन आम तौर पर संभव और व्यावहारिक नहीं है। कुछ वस्तुएं जमा होती हैं। परिणामस्वरूप जमा की गई सूची को लॉट-साइज इन्वेंट्री के रूप में जाना जाता


(i) बाज़ारी अस्थिर में वस्तुसूचि (Inventory for Market Fluctuation): मांग और आपूर्ति कारकों के कारण, कुछ वस्तुओं या कच्चे माल के लिए, बाजार में, उसकी मात्रा या कीमतों में उतार-चढ़ाव आ जाता हैं।

यह उतार-चढ़ाव मूलतः कृषि उत्पादों में अधिकतर व्याप्त होता हैं। जब कच्चे माल की उपलब्धता मौसमी होती है, तो मांग की अस्थिरता बनी रहती हैं, जिसके कारण, स्टॉक बड़ी मात्रा में खरीदा जाता हैं ताकि उत्पादन प्रक्रिया में कोई बाधा न आये और समय पर माल का वितरण हो जाएं। क्योकि मांग समय के साथ उतार-चढ़ाव करती है और सटीक रूप से पूर्वानुमानित नहीं किया जा सकता है, इसलिए माल की कुछ मात्रा को, विपरीत परिस्थितियों में उपयोग के लिए, संशय किया जाता हैं। इस माल की सूचि को "सुरक्षा स्टॉक उतार-चढ़ाव सूची " कहा जाता हैं।


(iii) मार्गस्थ माल सूची (Good-in-transit inventory): कच्चे माल को उत्पादन की जगह से वितरण कांउटर तक ले जाया जाता है, क्योंकि पारगमन के दौरान माल की खपत या उपभोग नहीं किया जा सकता,

अतः पारगमन में ये सामान या संसाधन परिवहन सूची का प्रतिनिधित्व करते हैं। कई बार व्यापार संगठनों के इन्वेंट्री मैनेजर, इन्वेंट्री लागत को कम करने की नीति का पालन करते समय, इनवेंटरी की मात्रा को कम का समर्थन करता है, परन्तु इस नीति से स्टॉक-आउट, बैक-ऑर्डर, पेपर वर्क, विशेष उत्पादन प्रक्रिया और उच्च लागत फास्ट-फ्रेट परिवहन बढ़ाती है, जिससे उत्पादन लगत बढ़ती है और लाभ घटता है।


(iv) पूर्वानुमान सूची (Forecasted Inventory): जब संस्था अपने माल की कीमत में वृद्धि की उम्मीद करती हैं, तो उसे इन्वेंटरी जमा करने की आवश्यकता होती हैं। कच्चे माल को, अर्द्ध तैयार माल के रूप में संग्रहीत किया जा सकता है या उनके मूल रूप में संग्रहीत किया जा सकता है। इन वस्तुओं को प्रत्याशित/ पूर्वानुमान सूची के रूप में जाना जाता है।