विनिमय दर - Exchange Rate Regimes
विनिमय दर - Exchange Rate Regimes
वर्तमान में भारत, बाजार और अन्तराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुसार विनिमय दर का निर्धारण करता मुद्रा की मांग व आपूर्ति बाजार आधारित विनिमय दर का निर्धारण करती है। विनिमय दर एक मुद्रा के संबंध में दूसरी मुद्रा का मूल्य है। विदेशी मुद्रा को खरीदने वाले व बेचने वाले लोगों में शेयर दलाल, छात्र, वाणिज्यिक बैंक, केंद्रीय बैंक, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां, विदेशी मुद्रा दलाल आदि होते हैं। विदेशी मुद्रा विनिमय के प्रमुख कार्यों में निम्न कार्य शामिल हैं:
1. मुद्रा को एक बाजार से दूसरे बाजार में पहुचाना, जहाँ इसकी जरुरत है।
2. आयातकों के लिए अल्पकालिक ऋण उपलब्ध कराकर देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं की निर्वाध प्रवाह की सुविधा।
3. स्पॉट और वायदा बाजार के माध्यम से विदेशी विनिमय दर को स्थिर करना। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:-
आजादी के बाद से भारत में एक निश्चित विनिमय दर व्यवस्था लागू थी, जिसे बाद में पाउंड स्टर्लिंग से लिंक किया गया। साल 1993 से भारत में बाजार आधारित विनिमय दर व्यवस्था चलने लगी।
वार्तालाप में शामिल हों