निवेश या विनियोग - investment or investment

निवेश या विनियोग - investment or investment


निवेश या विनियोग (investment) का सामान्य आशय ऐसे व्ययों से है जो उत्पादन क्षमता में वृद्धि लायें।


है। यह पद बचत करने और उपभोग में कटौती या देरी के संदर्भ में प्रयुक्त होता है। निवेश के उदाहरण हैं


यह तात्कालिक उपभोग व्यय या ऐसे व्ययों संबंधित नहीं है जो उत्पादन के दौरान समाप्त हो जाए। निवेश शब्द का कई मिलते जुलते अर्थों में अर्थशास्त्र, वित्त तथा व्यापार प्रबन्धन आदि क्षेत्रों में प्रयोग किया जाता विनियोग ही पूँजी है। कोई व्यक्ति या संस्था अपने धन से धन कमाता हो या रुपया को काम पर लगाना या रुपया से रुपया कमाना उसे निवेश कहते हैं !


किसी बैंक में पूंजी जमा करना, या परिसंपत्ति खरीदने जैसे कार्य जो भविष्य में लाभ पाने की दृष्टि से किये जाते हैं। सामान्यतः इसे किसी वर्ष में पूँजी स्टॉक में होने वाली वृद्धि के रूप में परिभाषित करते हैं। संचित निवेश या निवेश क्यों जरूरी है


एक उम्र के बाद आपको लगता है कि जो पैसे आपके पास हैं वो पर्याप्त नहीं हैं, आपको भविष्य में और पैसों की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में आप निवेश का रास्ता अपनाते हैं। शुरुआत में तो निवेश से हर कोई घबराता है लेकिन बाद में जब इसकी समझ बढ़ जाती है तो निवेश की प्रक्रिया और भी अच्छी लगने लगती है। सच बात यह है कि यदि आप इतने बड़े हो गए हैं कि आप पैसा कमा सकें तो आपको पैसा निवेश भी करते आना चाहिए। निवेश असल में कुछ नहीं, बल्कि ऐसी प्रक्रिया है जिससे आप अपने पैसों का उपयोग कर सकें।

ज्यादा तर लोग सिर्फ नौकरी या काम करके आय अर्जित कर सकते हैं। जैसे-जैसे आपका उम्र बढ़ता है वैसे ही खर्च भी बढ़ता है! उम्र बढ़ने के साथ कार्य क्षमता भी घटने लगता है! दुनिया में कुछ ही प्रतिशत लोग हैं। जो नौकरी या काम के अलावा भी इन कम जनरेट कर पाते हैं, उसे निवेशक कहते हैं!


निवेशक वे लोग होते हैं जो अपने कमाई से बचत करके, कुछ रुपयों का निवेश करके उसे कमाई करते हैं! निवेशकों का जैसे उम्र बढ़ता है उनका निवेश से इन कम भी बढ़ता है! निवेशकों को कभी भी पूरी जिंदगी काम करने की आवश्यकता नहीं होती है !


आप अपने इनकम बढ़ाने के लिए अपना डुप्लीकेट बनाकर काम पर नहीं लगा सकते हैं, ज्यादा से ज्यादा आप ओवरटाइम काम कर सकते हैं! इन कम बढ़ाने का सबसे सही विकल्प निवेश है! नौकरी छूट जाए या असमय मृत्यु से निवेश आपका ही नहीं आपके परिवार का रक्षा करता है!


क्या निवेश में जो रुपया लगाया जाता है वह सुरक्षित हो और उससे हर महीने कुछ ना कुछ मुनाफा आए, तभी निवेश कहलाता है! कुछ लोग तो चिटफंड जैसे कंपनी में पैसे लगाकर ज्यादा रिटर्न हासिल करने के चक्कर अपनी सारी पूंजी गवा बैठते हैं उसे निवेशन हीं कह सकते हैं!


निवेश नहीं है?


निवेशक पैसों का निवेश बिना जोखिम या कम जोखिम से निवेश करता है जबकि एक जुआरी पैसे कमाने के लालच में सारे पैसे तो कभी-कभी गमा बैठता है ! जुआ खेलकर या कैसीनो में पैसे लगाकर पैसे कमाने को निवेश नहीं कहते हैं ! महंगे मोबाइल फ़ोन या महंगा का कपड़ा खरीदना यह बिल्कुल निवेश नहीं है क्योंकि यह मोबाइल फ़ोन या कपड़ा खुद से पैसे कमा नहीं सकता है ! कुछ समय के बाद इन दोनों चीजों की मार्केट बैल्यू जीरो हो जाती है।


निवेश कब शुरू करें


वारेन बफेट जिसका नाम दुनिया के 5 सबसे अमीरों में शामिल होता है, उसने 11 वर्ष के उम्र में कमाना शुरु कर दिया था और उसी साल से इन्वेस्टमेंट भी शुरूकर दिया था!

पर्सनल फाइनेंसियल मैनेजमेंट थ्योरी के अनुसार, अगर आप 25 वर्ष के उम्र में भी निवेश करना शुरू कर दिया है तो यह काफी अच्छा माना जाता है !


निवेश में भी अलबर्ट आइंस्टाइन का कंपाउंड इंटरेस्ट थ्योरी काम करता है। एक उदाहरण देकर आपको समझाना चाहता हूं दो जुड़वा भाइयों का नाम राम और बलराम, जिसकी उम्र लगभग समान है ! जब राम 25 वर्ष का था, तभी से उन्होंने 15000 प्रतिवर्ष 8% ब्याज दर के हिसाब से बैंक में निवेश करना शुरू कर दिया, जब वह 60 साल का हो गया तो उसके बैंक अकाउंट में 2,21780जमा हो चुका था ! जब बलराम 35 वर्ष का था, तभी से उन्होंने 15000 प्रतिवर्ष 8% व्याज दर के हिसाब से बैंक में निवेश करना शुरू कर दिया, जब वह 60 साल का हो गया तो उसके बैंक अकाउंट में 1,02727 जमा हो चुका था !


आप खुद अंदाजा लगा लीजिए इतना बड़ा फर्क कैसे आ गया, इसीलिए निवेश करने में देर ना करें! निवेश को जितना ज्यादा समय देंगे आपको रिटर्न उतना ही ज्यादा मिलेगा !


निवेश के प्रकार


निवेश के कई प्रकार हैं जिनके आधार अलग-अलग हो सकते हैं!


अवधि के अनुसार,


• अल्पकालिक निवेश


मध्यमकालिक निवेश


दीर्घकालिक निवेश


अल्पकालिक निवेश


एक वर्षे या उससे कम समय के लिए किया गया निवेश को अल्पकालिक निवेश कहते हैं! इस तरह के निवेश से भी कमाई की जा सकती है! आप जानते हैं कि बूंद-बूंद से घड़ा भर जाता है, उसी प्रकार छोटी छोटी कमाई से भी हमारा निवेश बड़ा हो जाता है !


मान लीजिए कि आप हर महीने कुछ पैसों का बचत कर रहे हैं और आपके पास अभी इतने पैसे जमा नहीं हुआ है कि आप एक बार आप प्रॉपर्टी खरीद सकते हैं। आप हर महीने फिक्स डिपॉजिट कर सकते हैं क्योंकि आज के समय में 30 दिनों के लिए भी फिक्स डिपाजिट होता है।

आप वह सामान खरीद कर स्टॉक कर सकते हैं जिसका दाम बढ़ने के चांसेस होते हैं !


विकल्प


सोना और चांदी


फिक्स डिपॉजिट


शेयर मार्केट


सीजनल उत्पाद


मध्यमकालिक निवेश


एक वर्षे से ज्यादा और 5 वर्षों से कम समय के लिए क्या गया निवेश को मध्यमकालिक निवेश कहते हैं! मध्यमकालिक निवेश ऑप्शंस काफी बढ़ जाते हैं!


विकल्प


० स्टॉक,


० बॉन्ड


० म्यूचुअल फंड


रियल एस्टेट


० सोना और चांदी


० फिक्स डिपॉजिट


० शेयर मार्केट


दीर्घकालिक निवेश


5 वर्षों से ज्यादा समय के लिए किया गया निवेश को दीर्घकालिक निवेश माना जाता है! निवेश को


जितना ज्यादा समय देंगे आपको रिटर्न उतना ज्यादा मिलेगा और निवेश के ऑप्शन भी ज्यादा होता है !


विकल्प


० स्टॉक


० बॉन्ड


० म्यूचुअल फंड


० रियल एस्टेट


० सोना और चांदी


० फिक्स डिपॉजिट


० शेयर मार्केट


० पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ)


जोखिम के आधार पर,


सुरक्षित निवेश


असुरक्षित निवेश


सुरक्षित निवेश


सुरक्षित निवेश उस निवेश को कहते हैं जिसमें पूंजी के साथ-साथ रिटर्न की वापसी की पूरी गारंटी होती है ! इस तरह के निवेश में रिटर्न कम होता है लेकिन टेंशन फ्री निवेश कहलाता है !


विकल्प


० रियल एस्टेट


० सोना और चांदी


० फिक्स डिपॉजिट


पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ)


० राष्ट्रीय बचत पत्र, आदि.


असुरक्षित निवेश


असुरक्षित निवेश उसने निवेश को कहते हैं जिसमें निवेश किया गया रकम और रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती है! अंग्रेजी का एक कहावत सुना होगा मोर रिस्क मोर गेन ज्यादा जोखिम वाले निवेश में रिटर्न के चांसेस ज्यादा होते हैं!


विकल्प


स्टॉक,


• बॉन्ड


म्यूचुअल फंड


. शेयर मार्केट, आदि