नियंत्रण प्रक्रिया - control process

नियंत्रण प्रक्रिया - control process


नियंत्रण प्रक्रिया के पांच कदम निम्नलिखित हैं


प्रदर्शन मानकों की स्थापना


वास्तविक मानकों का मापन


मानक के प्रदर्शन के साथ वास्तविक कार्यक्षमता की तुलना


विचलन विश्लेषण


सुधारात्मक कार्यवाही


(क) प्रगति प्रमापों का निर्धारण प्रमापों का निर्धारण करना नियंत्रण का पहला चरण है।


प्रमाप वे आधार होते हैं जिनके संदर्भ में वास्तविक प्रगति को मापा जाता है। प्रमाप ही व्यक्तियों एवं विभागों को बताते हैं कि उनकी मंजिल क्या है? इनके आधार पर ही एक प्रबंधक वास्तविक प्रगति का मूल्यांकन करके विचलनों का पता लगाता है। प्रमापों के प्रकार


प्रमाप निम्न दो प्रकार के होते हैं:


(1) संख्यात्मक प्रमाप: ये ऐसे प्रमाप होते हैं जिन्हें आंकड़ो में प्रदर्शित किया जाता है जैसे एक श्रमिक द्वारा एक दिन में 10 इकाईयां का उत्पादन करना, प्रति इकाई कुल लागत 100 रुपये होना, आदि ।


(ii) गुणात्मक प्रमापः ये ऐसे प्रमाप होते हैं जिन्हें आंकड़ो के रूप में प्रदर्शित नहीं किया जा सकता: जैसे - कर्मचारियों के मनोबल में वृद्धि करना। कर्मचारियों के मनोबल को मापना एक गुणात्मक प्रकृति का प्रमाप है। इसे सीधे तरीके से नहीं मापा जा सकता। इसको मापने के लिए श्रम-परिवर्तन दर अनुपस्थिति दर, झगड़ों की दर, आदि को देखा जा सकता है। यदि इन तीनों की दर नीची हो तो कहा जाएगा कि कर्मचारियों के मनोबल में वृद्धि हुई है।