बजटीय नियंत्रण के दोष अथवा सीमाएं - Defects or Limitations of Budgetary Control
बजटीय नियंत्रण के दोष अथवा सीमाएं - Defects or Limitations of Budgetary Control
(1) गलत अनुमानों का खतरा बजट पूर्वानुमान पर आधारित होते हैं और पूर्वानुमान कभी भी खतरे से खाली नही होते। अतः बजटीय नियंत्रण की सफलता पूवानुमानों की सत्यता पर निर्भर करती है।
(ii) लोचहीनता का खतराः प्रायः देखा जाता है कि बजट में लोचन की कमी होती है। लोचहीनता के कारण परिवर्तनों को शामिल करना संभव नहीं होता। इस प्रकार परिवर्तनों का समायोजन न किए जाने के कारण बजटों को लागू करने में कठिनाई आती है।
(iii) मानवीय सीमाएं: बजटीय नियंत्रण को सफल बनाने के लिए संस्था में काम करने वाले सभी कर्मचारियों के सहयोग की आवश्यता होती है। लेकिन प्रायः ऐसा संभव नहीं होता कि सभी कर्मचारियों का पूर्ण सहयोग प्राप्त हो जाए।
(iv) अति- बजट का खतराः प्रायः विभागीय अध्यक्षों की यह प्रवृत्ति होती है कि वे विभागीय बजटों में खर्चों को आवश्यकता से अधिक दिखाते हैं क्योंकि उनका अपने प्रस्तुत किए गए अनुमानों में कुछ कटौती होने का अन्देशा रहता है। यदि गलती से उनका बजट बिना कटौती किए ही पास हो जाए तो वे जरूरत से ज्यादा खर्चे करके संस्था को हानि पहुँचा सकते हैं।
(v) महंगी पद्धतिः इस पद्धति को सफल बनाने के लिए अधिक मात्रा में धन, समय व प्रयासों की जरुरत होती है। कई बार इसकी लागतें इससे प्राप्त होने वाले लाभों से अधिक हो जाती है।
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