अधिकार व उत्तरदायित्व में अंतर - Difference in rights and responsibility
अधिकार व उत्तरदायित्व में अंतर - Difference in rights and responsibility
अधिकार अधिकार का अभिप्राय निर्णय लेने की शक्ति से है। निर्णय संसाधनों के प्रयोग करने अथवा कोई काम करने या न करने से संबंधित हो सकते हैं।
विशेषताएं
इसका संबंध पद से है (पद के बदलते ही अधिकार बदल जाते हैं) इससे निर्णयो का पालन करवाना संभव होता है।
अधिकार को दूसरे व्यक्ति को सौंपा जा सकता है। अधिकारों को प्रबन्धकीय पद की कुंजी माना जाता है। क्योंकि यदि किसी पद के साथ अधिकार नहीं जुड़े हैं तो वह प्रबन्धकीय पद नहीं हो सकता।
उत्तरदायित्व : उत्तरदायित्व का अर्थ सौंपे गए काम को ठीक ढंग से पूरा करने की अधीनस्थ की जिम्मेदारी से है। जब एक अधिकारी अपने अधीनस्थ को कोई काम सौंपता है तो उसे पूरा करना अधीनस्थ का उत्तरदायित्व बन जाता है। इसका अर्थ यह हुआ कि उत्तरदायित्व शब्द काम सौंपने पर ही उत्पन्न होता है। अतः काम सौंपने का ही प्रकार उत्तरदायित्व सौंपना कहा जा सकता है। विशेषताएं
उत्तरदायित्व को दूसरे व्यक्ति को सौंपा जा सकता है। इसका सार कर्त्तव्य का पालन करना है।
इसकी उत्पत्ति अधिकारी- अधीनस्थ संबंधों के कारण होती है।
काम अथवा उत्तरदायित्व सौपता है और उसे पूरा करने के लिए आवश्यक अधिकार देता है तो अधीनस्थ कार्य निष्पादन के लिए अधिकारी के समक्ष जवाबदेह होता है।
विशेषताएं
जवाबदेही को दूसरे व्यक्ति को नहीं सौंपा जा सकता।
यह केवल अधिकार सौंपने वाले व्यक्ति के प्रति होती है इसका आधार अधिकारी- अधीनस्थ संबंध है।
यह अधिकार सौपने के कारण उत्पन्न होती है।
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