प्रत्यायोजन की विशेषताएं - Features of Delegation

प्रत्यायोजन की विशेषताएं - Features of Delegation


उपरोक्त परिभाषाओं के आधार पर भारार्पण को सरल रूप में निम्न प्रकार परिभाषित किया जा सकता है:-


भारार्पण से आशय सहायकों तथा अधीनस्थ कर्मचारियों को निश्चित सीमा के अन्तर्गत कार्य करने हेतु अधिकार प्रदान करने से है जिसके अंतर्गत उन्हें परिणाम के लिए उत्तरदायी ठहराया जा सकता है।" भारार्पण की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं :-


भारार्पण का आशय होता है एक प्रबन्धक द्वारा स्वतंत्र रूप से अधिकारों का प्रयोग करना। इस संबंध में उच्च अधिकारी कुछ सीमाएं भी लगा सकता है।

इन सीमाओं के अंतर्गत संस्था की नितियों, नियमों तथा कार्यविधियों को ध्यान में रखकर ही कार्य किया जाना चाहिए।


(ii) भारार्पण का आशय यह नहीं होता कि उच्च अधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को जो कुछ अधिकार सौंपे गए हैं उन्हें आवश्यकता पड़ने पर कम किया जा सकता है. बढ़ाया जा सकता है या वापिस लिया जा सकता है।


जो अधिकार सौंपे गए है उन्हें आवश्यकता पड़ने पर कम किया जा सकता है, बढाया जा सकता है या वापिस किया जा सकता है।


(iv) एक प्रबन्धक ऐसे अधिकारों को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को नहीं सौंप सकता, जो उसे स्वयं ही प्राप्त न हों। 3


(v) अधिकारों के भारार्पण में यह ध्यान रखना चाहिए कि प्रायः सामान्य प्रकृति के कार्य ही अधीनस्थ कर्मचारियों को सौंपे जाएं।


(vi) (vii) अधिकारों का प्रत्यायोजन भारार्पण मौखिक अथवा लिखित भी हो सकते हैं। भारार्पण एक कला है इसलिए इसका प्रयोग करते समय कुछ नियमों को ध्यान में रखना चाहिए।


(viii) अधिकार सौंपने वाले अधिकारी की उत्तरदेयता निम्न अधिकारी के ऊपर नहीं जाती है। दूसरे शब्दों में उच्च अधिकारी ही अंतिम परिणाम के लिए अंतिम रूप से उत्तरदायी माना जाएगा।


(ix) अधिकार सौंपने की मूल प्रक्रिया में निम्न तीन बातें शामिल करते हैं:- (31) काम सौंपना,


(ख) अधिकार प्रदान करना तथा


(12) उत्तरदायित्व निर्धारित करना।


अधिकारों का भारार्पण ऊपर से नीचे की ओर होता है।