मैट्रिक्स के आधार पर विभागीकरण के गुण एवं दोष निम्नलिखित - Following are the merits and demerits of departmentalization on the basis of matrix
मैट्रिक्स के आधार पर विभागीकरण के गुण एवं दोष निम्नलिखित - Following are the merits and demerits of departmentalization on the basis of matrix
गुण
विशेषज्ञों की प्रचुर मात्रा इस विभागीयकरण में विशेषज्ञ प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते हैं। जैसे कार्यानुसार विभागीयकरण के विभिन्न विभागों के अध्यक्ष अपने कार्य के विशषज्ञ होते हैं, प्रोजेक्ट प्रबंधक सभी कार्यों के विशेषज्ञ होते हैं तथा अधिकारीगण अपने-अपने विशेष कार्य की पूरी जानकारी रखते हैं। इस प्रकार विशेषज्ञों की राय का भरपूर लाभ उठाया जा सकता है।
(ii) लोचशीलता संस्था का मुख्य प्रबंधक व्यावसायिक अवसरों के अनुसार इसमें आसानी से परिवर्तन कर सकते हैं। अर्थात अधिक आदेश प्राप्त होने पर कितने ही प्रोजेक्ट प्रबंधक नियुक्त किये जा सकते हैं और आदेश कम होने पर प्रबंधकों को विशेष प्रोजेक्टों से हटाकर संस्था के सामान्य कार्य में लगाया जा सकता है।
(iii) विस्तार की अधिक संभावनाएं मैट्रिक्स पद्धति में संस्था के विस्तार की संभावनाएं बढ़ जाती हैं क्योंकि प्रबंधक प्रत्येक नए प्रोजेक्ट के लिए एक पृथक विभाग स्थापित कर सकते हैं।
(iv) लागतों में मितव्ययता प्रत्येक प्रोजेक्ट पर केवल उतने ही व्यक्ति लगाए जाते हैं जितनी आवश्यकता हो और शेष को व्यवसाय के सामान्य कार्यों में लगा दिया जाता है। इस प्रकार मानवीय साधनों का अधिकतम उपयोग करके लागतों में कमी की जाती है।
दोष
आदेश की एकता के सिद्धान्त का उल्लंघन इस प्रकार के संगठन में आदेश की एकता के सिद्धान्त का उल्लंघन किया जाता है। अधिकारियों को विभागीय प्रबंधकों एवं प्रोजेक्टों प्रबंधकों दोनों से आदेश प्राप्त होते हैं। अधिकारियों को एक से अधिक प्रबंधकों के आदेश का पालन करना होता है जिससे उनकी कार्यकुशलता में कमी आती है।
(ii) विभागीय प्रबंधकों एवं प्रोजेक्ट प्रबंधकों के मध्य संघर्ष इन दोनों प्रकार के प्रबंधकों के उद्देश्य एवं प्राथमिकताएं भिन्न होते है। प्रोजेक्ट प्रबंधक यह चाहते हैं कि उन्हें जब जिस सेवा की आवश्यकता हो विभागीय प्रबंधक तुरन्त उपलब्ध करा दें। दूसरी ओर, विभागीय प्रबंधक चाहते हैं कि उनकी समय तालिका के अनुसार ही सारे कार्य किये जाएं और उनकी सेवाओं का नियमित रूप से उपयोग किया जाए।
(iii) संदेशवाहक की समस्या प्रोजेक्ट टीम के सदस्य अथवा अधिकारी यह नहीं समझ पाते कि वे विभागीय प्रबंधक से बात करें या प्रोजेक्ट प्रबंधक से इस प्रकार की अस्पष्ट स्थिति में संदेशवाहन की समस्या बनी रहती है।
(iv) उत्तरदायित्व का अभाव असफलता की दशा में प्रोजेक्ट प्रबंधक विभागीय प्रबंधकों को दोषी ठहराते हैं और विभागीय प्रबंधक प्रोजेक्ट प्रबंधकों को।
मैट्रिक्स के आधार पर विभागीयकरण के गुण-दोषों का अध्ययन करने पर हम इस निष्कर्ष पर पहुंचते है कि यह पद्धति उन बड़े व्यवसायों के लिए उपयुक्त है जो बड़ी मशीनों का निर्माण करते हों या कंस्ट्रक्शन का कार्य करते हों आजकल अन्य व्यवसायों में भी इस पद्धति को अपनाया जा रहा है।
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