मामूली लाभ व उनके अंतर - Marginal profits and their differences
मामूली लाभ व उनके अंतर - Marginal profits and their differences
मामूली लाभों से अभिप्राय मुआवजों के लिए एक प्रकार से है। इससे अभिप्राय कर्मचारियों को दिए जाने वाले अतिरिक्त लाभों से है ये लाभ वेतन, मजदूरी आदि से भिन्न होते है। इसके अंतर्गत बोनस, सेवा निर्वत कार्यक्रम जैसे भविष्य निधि, पेंशन, कर्मचारी मुआवजा, स्वास्थ्य सेवाएं, कैंटीन आदि आते है।
मामूली लाभों के कारण-
(1) कर्मचारियो की मांग:- मामूली लाभों की मांग कर्मचारियों के द्वारा अपनी जीवन यापन लागत आदि कारण से की जाती है।
(2) व्यवसायिक संघ द्वारा मांग:- वरेड यूनियन के द्वारा भी कई प्रकार के मामूली लाभ जैसे- बीमा, सुरक्षा आदि की जाती है।
(3) स्वामियों द्वारा मांग:- संगठन के स्वामी भी कर्मचारियों को कार्य के प्रति प्रेरणा देने के लिए मामूली लाभ प्रदान करना चाहते है।
(4) सामाजिक सुरक्षाः - सामाजिक सुरक्षा के कारण भी मामूली लाभ जैसे स्वास्थ्य सेवाएं. कर्मचारी दुर्घटना फंड आदि उपलब्ध करवाए जाते है।
(5) मानवीय संबंधों में सुधार:- मानवीय संबंध तभी स्थापित हो सकते है यदि कर्मचारी आर्थिक, सामाजिक तथा मानसिक रूप से संतुष्ट हो। मामूली लाभ कर्मचारियों को संतुष्ट कर उनकी जरूरतों को पुरा करते है। इसलिए संगठन व कर्मचारियों के मध्य अच्छे मानवीय संबंध स्थापित होते है।
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