योग्यता के आधार पर मुआवजा कार्यक्रम - merit-based compensation program

योग्यता के आधार पर मुआवजा कार्यक्रम - merit-based compensation program


मुआवजा कार्यक्रम


मुआवजा कार्यक्रम


(अ) योग्यता के आधार पर मुआवजा कार्यक्रम


(ब) प्रदर्शन के आधार पर मुआवजा।


(अ) योग्यता के आधार पर मुआवजा कार्यक्रम सन् 1990 में कई संगठनों में एक नया विचार उत्पन्न हुआ। बहुत से संगठन पहले से चलते आ रही रूढीवादी कार्य आधरित मुआवजा ढांचा से हट कर योग्यता आधारित मुआवजा कार्यक्रम जोर पूर्ण रूप से व्यवहारों जानकारियों व दक्षताओं का विकास करना है तथा उन्हें संगठन की मोर्चाबंदी व मिशन हिस्सा बनाना है।


योग्यताएं- योग्यताओं से अभिप्राय उन व्यवहारों, ज्ञान व दक्षताओं से है जो प्रत्यक्ष व सकारात्मक रूप से संगठन व कर्मचारियों की सफलता को प्रभावित करती है। योग्यताएं, आत्मक चेतना द्वारा मापी जा सकती है। योग्यताएं शिक्षा प्रशिक्षण तथा अवसरों के द्वारा बढाई जा सकती है। योग्यताएं दो प्रकार की हो सकती है-


1. व्यवहारात्मक


2. तकनीकी


(1) व्यवहारात्मक योग्यताएं वह योग्यताएं होती है जो कर्मचारियों को उनके कार्यों के करने के लिए व्यवहारों, सही तरीके से करने में सहायक होती है।

(2) तकनीकी योग्यताएं वह योग्यताएं है जो कि विशेष जानकारी दक्षताओं से संबंधित होती है जो कि संगठन में कार्यों को तकनीकी रूप से करने के लिए आवश्यक होती है। किसी संगठन में लंबे समय तक बने रहने के लिए तकनीकी योग्यता का होना जरूरी है।


योग्यता मॉडल— योग्यता मॉडल से अभिप्राय उन सभी योग्यताओं की सूची से है जो एक विशेष कार्य को करने के लिए संगठन में जरूरी है। संगठन के कार्यों के अनुसार व्यवहारात्मक योग्यता या तकनीकी योग्यता या फिर दोनों योग्यताओं की आवश्यकता हो सकती है।


व्यवहारात्मक योग्यताएं


• मिशन पर फोकस


ग्राहक फोकस


टीमवर्क


स्लाहकार


लक्ष्य या उपलब्धि अभिविन्यास


तकनीकी योग्यताएं


• मुआवजा विशेषज्ञ


चयन विशेषज्ञ


कर्मचारी संबंध विशेषज्ञ


प्रशिक्षण व विकास विशेषज्ञ


योग्यता के आधार पर मुआवजा कार्यक्रम के अंतर्गत मुआवजा निर्धारण तत्व-


एंजेसी व्यापार की आवश्यकता।


कर्तव्य व उतरादायित्व


• प्रदर्शन।


• कार्य अनुभव तथा शिक्षा |


ज्ञान, दक्षताएं, योग्यता ।


• प्रशिक्षण, प्रशंसा पत्र लाइसेंस


• आंतरिक वेतन उपलब्धता ।


• बाजार की उपलब्धता


वेतन संदर्भ डाटा


• कुल मुआवजा।


बजट की उपलब्धता


• लम्बी अवधि का प्रभाव।


• वर्तमान वेतन ।