संगठन प्रक्रिया - organization process
संगठन प्रक्रिया - organization process
(I) प्रबंध के प्रथम कार्य नियोजन के अंतर्गत निर्धारित उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए दूसरा कार्य 'संगठन' किया जाता है। प्रबंध के संगठन कार्य को पूरा करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाते हैं। कार्य की पहचान एवं विभाजन संगठन प्रक्रिया का प्रथम चरण कार्य की पहचान एवं विभाजन करना है। इस चरण पर कुल काम को अनेक क्रियाओं में विभाजित कर दिया जाता है। उदाहरण के लिए एक कम्पयूटर का निर्माण करने वाली कम्पनी की विभिन्न क्रियाएं इस प्रकार हो सकती हैं।
कच्चा माल क्रय करना ।
• तैयार पुर्जे क्रय करना ।
• उत्पादन।
• माल का स्टॉक रखना।
• अनुसंधान
• विज्ञापन।
• विक्रय।
• वित्त व्यवस्था
• लेखांकन।
• कर्मचारियों की व्यवस्था करना, आदि
(ii) विभागीकरण : संस्था के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए विभिन्न क्रियाओं का निर्धारण कर लेने के बाद क्रियाओं का विभागीकरण किया जाता है। विभागीकरण के अंतर्गत एक समान क्रियाओं का एक समूह बना कर (इसे समूहीकरण कहते हैं) एक विशेष विभाग को सौंप दिया जाता है, जैसे कच्चा माल क्रय करना तैयार पुर्जे - क्रय करना, आदि को क्रय विभाग को तथा उत्पादन करना, माल का स्टॉक रखना, अनुसंधान, आदि क्रियाओं को उत्पादन विभाग को सौंपा जा सकता है। इसी प्रकार विज्ञापन का कार्य विपणन विभाग को तथा वित्तीय व्यवस्था लेखांकन एवं पत्र-व्यवहार का कार्य वित्त विभाग को सौंपा जा सकता है। क्रियाओं के समूहीकरण एवं विभागीकरण को निम्न चित्र में समझाया गया है
जहां कम्पनी का उद्देश्य कम्प्यूटर तैयार करना है।
(iii) काम सौंपना इस चरण पर यह निश्चित किया जाता है कि प्रत्येक पद पर या व्यक्ति को क्या-क्या काम करने हैं जैसे क्रय प्रबंधक को वस्तुओं को क्रय करने का उत्तरदायित्व सौंपा जाएगा, विक्रय प्रबंधक को वस्तुओं के विक्रय का विज्ञापन प्रबंधक को विज्ञापन का तथा इसी प्रकार वित्तिय प्रबंधक को वित्त व्यवस्था का कार्यभार सौंपा जाएगा। काम सौंपते समय काम की प्रकृति तथा व्यक्ति की योग्यता का मिलान करना आवश्यक है।
(iv) सूचनाएं प्रेषित करने के संबंध स्थापित करना जब दो या अधिक व्यक्ति एक समान उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए कार्य करते हैं तो उनके संबंधों की स्पष्ट व्याख्या की जानी जरुरी है। इन संबंधों को रिपोर्टिंग रिलेशनज' कहते हैं। प्रत्येक व्यक्ति को यह पता होना चाहिए कि कौन उसका अधिकारी है तथा कौन अधीनस्थ उदाहरण के लिए क्रय विभाग में काम करने वाले सभी व्यक्तियों का अधिकारी क्रय प्रबंधक होगा, उसी से उन्हें आदेश मिलेंगे और उसके प्रति ही वे उत्तरदायी होंगे।
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