सांख्यिकीय आंकड़े - Statistical analyses

सांख्यिकीय आंकड़े - Statistical analyses


इस विधि के अंतर्गत व्यवसाय की विभिन्न क्रियाओं के संबंध में पिछले वर्षों के आंकड़ों के आधार पर निष्कर्ष निकाले जातें हैं। उदाहरणार्थ, पिछले वर्षों के विक्रय आंकड़ों का विश्लेषण करके प्रवृत्ति ज्ञात की जा सकती है और इस निष्कर्ष पर पहुँचा जा सकता है कि भविष्य में विक्रय बढ़ेगा अथवा कम होगा। आंकड़ों को इस ढंग से प्रस्तुत किया जाना चाहिए ताकि ये आसानी से समझ आ जाएं। चित्र अथवा ग्राफ की सहायता से प्रस्तुत किए गए आंकड़े अधिक स्पष्ट एवं प्रभावी होते हैं

और उनसे अतिशीघ्र निष्कर्ष निकाले जा सकते


यह कहकर कि इन आंकड़ों का संबंध केववल गत वर्षों से है और भविष्य में इससे कुछ लेना-देना नहीं है इनके महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता। क्योंकि ये भावी क्रियाओं के बारे में पूर्वानुमान लगाने में मदद करते हैं और इन्हें भविष्य के बारे में एक चेतावनी के रुप में स्वीकार किया जाता है।