परंपरागत नियंत्रण प्रणालियां - traditional control systems
परंपरागत नियंत्रण प्रणालियां - traditional control systems
बजटीय नियंत्रण
बजटीय नियंत्रण, प्रबंधकीय नियंत्रण की सर्वाधिक लोकप्रिय पद्धति है। इसका आशय बजटों द्वारा नियंत्रण करने से हे बजटीय नियंत्रण पद्धति का विस्तृत अध्ययन करने से पहले तीन मिलती-जुलती जरुरी है। (बजट, बजट बनाना, बजटीय नियंत्रण) का अर्थ समझा देना
बजट: बजट भावी कार्यवाही की गणनात्मक विवेचना है अर्थात भविष्य में जो किया
जाना है उसकी वित्तीय अथवा गणात्मक रुपरेखा बजट कहलाती है।
बजट बनानाः बजट बनाना वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बजट निर्माण किया जाता है। अर्थात बजट बनाने से संबंधित सभी सूचनाएं एवं आंकड़े एकत्रित करके उन्हें एक विवरण का रूप देना बजट बनाना कहलाता है।
बजटीय नियंत्रणः यह एक व्यवस्था है जिसमें नियंत्रण के उद्देश्य से बजटों का प्रयोग किया जाता है। अर्थात जब एक व्यवसायिक संस्था की विभिन्न क्रियाओं को नियंत्रित करने के लिए बजट का प्रयोग किया जाता है तो इसे बजटीय नियंत्रण कहते हैं।
बजटीय नियंत्रण की विशेषताएं
बजटीय नियंत्रण की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
तुलनात्मक अध्ययनः बजटीय नियंत्रण की प्रथम विशेषता तुलनात्मक अध्ययन करना है। इसके अंतर्गत बजट आंकड़ों अथवा अनुमानों की तुलना वास्तविक कार्य प्रणाली से की जाती है।
विचलनों का विशलेषण: बजटीय नियंत्रण के अंतर्गत वास्तविक एवं प्रमापित आंकड़ों की तुलना के आधार पर विचलनों का पता लगाकर उनका गहराई से अध्ययन किया जाता है और विचलनों के कारणों की खोज की जाती है।
(iii) सुधारात्मक कार्यवाही: इसके अंतर्गत विचलनों के कारणों की खोज करके उनमें सुधार करने के उपाए सुझाए जाते हैं।
अतः कहा जा सकता है कि बजटी नियंत्रण क्रियाओं को सीधे तौर पर नियंत्रित नहीं करता बल्कि यह बताता है कि सुधारात्मक कार्यवाही की जरुरत कहां है और किस तरह की सुधारात्मक कार्यवाही की जानी चाहिए।
(iv) सभी विभागों के लिए बजट: इसके अंतर्गत किसी एक विभाग अथवा क्रिया के लिए
बजट न बनाकर सभी विभागों अथवा क्रियाओं के लिए बजट बनाए जाते हैं और फिर सभी बजटों को एक मास्टर बजट के रूप में संगठित कर दिया जाता है।
(v) पूर्वानुमानों पर आधारितः बजटीय नियंत्रण प्रक्रिया में बजटों का निर्माण किया जाता है जिनका आधार पूर्वानुमान होता है।
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