मामूली लाभों के प्रकार - Types of Marginal Benefits

 मामूली लाभों के प्रकार - Types of Marginal Benefits

(1) कार्य न करने वाले समय के लिए भुगतान:- कर्मचारियों को एक हफ्ते में एक छुट्टी या रविवार की छुट्टी का भुगतान होना चाहिए तथा छुट्टी बोल दिन भी कार्य करने वाले कर्मचारियों को दुगना वेतन देना चाहिए।


(2) कर्मचारी सुरक्षाकरणः - कर्मचारी को कार्य के प्रति सुरक्षा प्रदान की जानी चाहिए। कर्मचारी को यदि कार्य पर स्थिर कर दिया जाए व उसका वेतन भी स्थिर हो तो इससे कर्मचारी को व उसके परिवार को सुरक्षा मिलती है।


(3) सुरक्षा व स्वास्थ्य:- फैक्टरी एक्ट 1948 के अनुसार कर्मचारियों को सुरक्षित कार्यकारी वातावरण प्रदान करना संगठन के लिए आवश्यक है। कर्मचारियों के कार्यस्थल पर उचित प्रकाश, पानी, हवा, सफाई, स्नानघर आदि का प्रबंध होना चाहिए।


(4) कर्मचारी मुआवजा: - कर्मचारी मुआवजा एक्ट 1923 के अनुसार कर्मचारियों के उचित मुआवजों का प्रबंधण होना चाहिए। यदि कार्यस्थल पर कर्मचारी के साथ कोई दुर्घटना या उसकी मृत्यु होने की स्थिति में उतरादायित्व केवल स्वामी का होगा।


(5) स्वास्थ्य सेवाएं: - कर्मचारियों को कई मैडिकल सेवाएं जैसे- हस्पताल, डिस्पनसरी आदि


संगठन द्वारा उपलब्ध करवाई जाए। स्वास्थ्य सेवाओं के अंतर्गत बीमा सुविधाएं, बच्चे के जन्म के समय सुविधाएं व मातृत्व अवकाश, दुर्घटना की स्थिति में आश्रित परिवार को मुआवजा आदि उपलब्ध हो।


(6) अन्य सुविधाएं: - कई अन्य सुविधाएं जैसे कैंटीन, ग्राहक स्टोर, क्रेडीट सोसाइटी, घर, काऊसलिंग सुविधाएं आदि उपलब्ध करवानी चाहिए।


(7) सेवा निर्वत लाभ:- कर्मचारियों को प्रौढ़ अवस्था में सुरक्षा प्रदान करने के लिए भी कई सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती है। जैसे भविष्य निधि, पेंशन, बीमा लाभ आदि