मजदूरी के प्रकार - types of wages

मजदूरी के प्रकार - types of wages


(क) नकद मजदूरी- यह वह मजदूरी होती है जिसे श्रमिक को एक निश्चित समयावधि के लिए मुद्रा में चुकाया जाता है। समयावधि घंटा, दिन, सप्ताह, मास आदि कुछ भी हो सकती है। नकद मजदूरी मुद्रा की वह मात्रा है जो एक श्रमिक को समय के हिसाब से दी जाती है।


उदाहरण के लिए बैंक में काम करने लिपिक को 6000 रूपये मासिक वेतन नकद मजदूरी के रूप मे मिलता है और एक मकान बनाने वाले मजदूर को 20 रूपये प्रति दिन मजदूरी दी जाती है।


(ख) वास्तविक मजदूरी या असल मजदूरी- वास्तविक मजदूरी या असल मजदूरी से अभिप्राय वस्तुओं एवं सेवाओं की उस मात्रा से है

जो एक व्यक्ति अपनी नकद मजदूरी द्वारा खरीद सकता है। वास्तविक मजदूरी में केवल नकद मजदूरी से खरीदी जाने वाली वस्तुएं और सेवाएं ही नहीं आती बल्कि वह सभी सुविधाएं एवं प्रासंगिक लाभ भी वास्तविक मजदूरी में सम्मिलित किये जाते हैं जो श्रमिक को नकद मजदूरी के अलावा प्राप्त होते हैं।


दूसरे शब्दों में किसी श्रमिक की वास्तविक मजदूरी में वे सभी लाभ सुविधाएं शामिल होती हैं जो उसे नकद मजदूरी के अलावा प्राप्त होते है।

श्रमिको को मजदूरी के अलावा कई दशाओं में कुछ सुविधाएं भी मिलती हैं जैसे सस्ता मकान, निःशुल्क चिकित्सा, बच्चों के लिए निःशुल्क अथवा सस्ती दर पर शिक्षा व्यवस्था, मनोरंजन की सुविधाएं आदि ।


ये सभी सुविधाएं श्रमिक के रहन-सहन के स्तर को निर्धारित करती है। इसी कारण इन्हें वास्तविक मजदूरी में शामिल करते है। एक श्रमिक अपनी नकद मजदूरी के बदले मजदूरी के बदले में वस्तुओं और सेवाओं की जितनी मात्रा प्राप्त कर सकता है वहीं उसकी वास्तविक मजदूरी हैं।