भारत यूनान संबंध - Bharat Greece Relations

भारत यूनान संबंध - Bharat Greece Relations


ग्रीस के साथ भारतवर्ष के सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध बहुत पुराने हैं। ग्रीक दर्शन भारत से प्रभावित था। सुकरात पर भारतीय प्रभाव था। पाइथागोरस और प्लेटो पुनर्जम पर विश्वास करते थे । उनको ये विचार हिंदुओं से मिले थे।


सिकंदर के आक्रमण और उसके बाद ग्रीक तथा भारतीय संबंध अधिक घनिष्ठ हुए प्रथम तीन मौर्य सम्राटों तथा ग्रीक राजाओं के राजदूत एक-दूसरे के देशों में रहते थे।

मेगास्थनीज और डेमाक्स ने अपने संस्मरणों में भारतीय विवरण दिये हैं। पाँच ग्रीक राज्यों-एंटीओक्स (सीरिया), एंटोगोनस (मेसीडोनिया), एलेक्जेंडर (आरमीनिया), टोलेमी (ग्रीस) और मैगस (साइरीन) में अशोक के धर्म का पालन किया जाता था। मेगास्थनीज के अनुसार पाटलिपुत्र की नगर परिषद् में एक विभाग विदेशियों की देखभाल करता था। इसका अर्थ है कि पाटलिपुत्र में बहुत संख्या में विदेशियों का आवागमन था।