प्रशिक्षण व विकास की अवधारणाएं - Concepts of Training and Development

प्रशिक्षण व विकास की अवधारणाएं - Concepts of Training and Development


विकास एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा प्रबंधक जानकारी प्राप्त करते है ताकि वह संगठन के उद्देश्यों को प्राप्त कर सकें। प्रशिक्षण के द्वारा कर्मचारियों की दक्षताओं तथा जानकारियों में वृद्धि की जाती है। इसके साथ ही विकास प्रक्रिया की शुरूआत हो जाती है। विकास के द्वारा प्रबंधकों के जानकारी व अनुभवों में वृद्धि होती हैं।


परिभाषा


कोमप के अनुसार प्रशिक्षण कम समय के लिए डिजाईन की गई निश्चित उद्देश्यों जैसे मशीनरी को चलाने के तरीकें आदि बताना होता है। जबकि विकास का अभिप्राय विस्तृत शिक्षा प्रदान करना है जो लम्बे उद्देश्य को पूरा करें।


विकास की कई अवधारणाएं है जो प्रबन्धकों को शिक्षा देने के लिए अपनाई जाती है। यदि संगठन को अपने उद्देश्यों को लम्बे समय तक प्राप्त करना है तो प्रबंधकों का विकास बहुत आवश्यक है।


प्रशिक्षण तथा विकास के उद्देश्य


प्रशिक्षण तथा विकास का मुख्य उद्देश्य दक्षता से पूर्ण तथा कार्य करने की इच्छा करवाने वाले कर्मचारियों को जागरूक करना तथा उनकी क्षमताओं को बढ़ाना है। प्रशिक्षण व विकास के चार उद्देश्य होते है।


(1) व्यक्तिगत उद्देश्य - प्रशिक्षण व विकास के द्वारा कर्मचारियों को कई व्यक्तिगत फायदों भी


मिलते है। प्रशिक्षण प्राप्ति से व्यक्ति में कई गुणों का विकास होता है। कर्मचारियों में कार्य के प्रति भय, हिचकिचाहट आदि दूर होती है तथा आत्मविश्वास, निष्टा, आदर, कार्य में रूचि, अधिक उत्पादकता आदि भावनाएं जागृत होती है।


 (2) संगठनात्मक उद्देश्य प्रशिक्षण व विकास के द्वारा संगठन को प्रशिक्षित, अधिक दक्षता वाले, निष्ठावान कर्मचारी प्राप्त होते हैं तथा वर्तमान कर्मचारी में अपनी दक्षताओं से अपटुडेट रहते है।

कर्मचारियों में ज्यादा कार्य, कम लागत तथा कम समय खर्च करने की आदतों का विकास होता है।


(3) कार्यात्मक उद्देश्य - प्रशिक्षण द्वारा प्रत्येक विभाग को अधिक कार्य, कुशल कर्मचारी प्राप्त होते है। कार्य को सुचारू कुशलतापूर्वक व दक्षता के लिए प्रशिक्षण आवश्यक है।


(4) सामाजिक उद्देश्य - प्रशिक्षण व विकास के द्वारा समाज में कार्यकारी व्यक्तियों में ज्यादा आत्म विश्वास, दक्षताएं तथा क्षमताएं विकसित होती है। संगठन भी समाज का ही एक भाग है इसलिए संगठन व कर्मचारियों के विकास से समाज का विकास संम्भव होता है।