प्रशिक्षण रणनीति का विकास - development of training strategy

प्रशिक्षण रणनीति का विकास - development of training strategy


संगठन द्वारा स्वयं दी जाने वाली प्रशिक्षण की प्रक्रिया


यदि संगठन स्वयं ही प्रशिक्षण आयोजित करता है तो निम्न तत्वों का निर्धारण करना आवश्यक होता है।


(1) तिथियों तथा समय निर्धारण - सर्वप्रथम समय तथा तिथियों का निर्धारण सम्बन्धित निर्णय लिया जाता है। कौन सा समय कर्मचारियों तथा प्रशिक्षकों को उचित लगेगा का पता लगाकर, निर्णय लिया जाता है।


(2) संसाधनों में गतिशीलता- समय व तिथियों के पश्चात् संसाधनों के बारे में निर्णय लिया जाता है कि कब,

कहां, तथा कितने संसाधनों की आवश्यकता पड सकती हैं। निर्णय के अनुसार संसाधनों को सही स्थान पर पहुंचाया जाता है।


(3) आकस्मिकताओं का प्रबंधन संसाधनों का प्रबंधन करने के बाद भविष्य में हो सकने वाली आकस्मिकताओं के लिए आवश्यक प्रबंधन किया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान कोई दुर्घटना न हो, सभी व्यक्तियों की सुरक्षा के इंतजाम किए जाते है।

(4) प्रोग्राम का निष्पादन - सभी प्रकार के संसाधनों व आकस्मिकताओं का प्रबंधन के पश्चात् पहले से निश्चित सभी प्रोग्रामों तथा क्रियाओं का निष्पादन किया जाता है।