प्रशिक्षण तथा विकास की प्रगति के कारण - due to progress in training and development
प्रशिक्षण तथा विकास की प्रगति के कारण - due to progress in training and development
प्रशिक्षण तथा विकास की आवश्यकता आज कल अधिकतर संगठनों को पड़ती है। इनकी प्रगति के कारण निम्नलिखित हो सकते हैं-
(1) गतिशील वातावरण- आजकल संगठन का वातावरण ज्यादा गतिशील होने से परिवर्तन बहुत जल्दी होते रहते है। वातावरण दो प्रकार का हो सकता है आंतरिक तथा बाहरी वातावरण । कर्मचारियों को दोनों वातावरण के बारे में जागृत करना तथा बचाव के उपाय बनाना। उससे उत्पन्न खतरों के बचाव के उपाय बताना।
(2) बाजार वातावरण- वैश्वीकरण के कारण प्रतियोगिता में काफी वृद्धि हुई है। इस गला काट प्रतियोगिता के कारण सूचनाओं के मिलने में आसानी,
आधुनिक तकनीक, उत्पाद की डिलीवरी में तेजी तथा प्रशिक्षण प्रणाली में सुधार आदि हो सकते है। इतनी प्रतियोगिता के अंतर्गत कर्मचारियों को अच्छे कार्य की आशा की जाती है। प्रशिक्षण व विकास द्वारा दक्ष कर्मचारियों के होने से प्रतियोगिता लाभ की आशा की जाती है।
(3) मानसिक संबंधों का विकास प्रशिक्षण द्वारा प्राप्त शिक्षा व जानकारियों से कर्मचारी अपने करियर को बढ़ावा दे सकता है। परंतु जैसे की कर्मचारी वर्तमान संगठन को छोडकर और बेहतर अवसर तलाश करते है तो ये दक्षताएं ही कर्मचारी की सहायक होती है।
(4) सीखने की प्रक्रिया- बदलते वातावरण के साथ कर्मचारियों को अपनी जानकारियों तथा दक्षतों को बढ़ाना काफी आवश्यक है और इनके लिए नए जानकारी तथा नई तकनीक का पता होना आवश्यक होता है। यह सब प्रशिक्षण द्वारा ही सम्भव होता है।
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